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हिमाचल प्रदेश में एक व्यक्ति से जमीन की खरीद फरोख्त के नाम पर 30 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। यह मामला हिमाचल के बिलासपुर जिला के उपमंडल घुमारवीं क्षेत्र का बताया जा रहा है। इस प्रकरण में न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) कोर्ट नंबर-2 घुमारवीं के आदेश के बाद स्थानीय पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
इस मामले की शिकायत डंगार निवासी अमित कुमार ने की थी, जिसने कोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया कि चार व्यक्तियों ने उसे ज़मीन दिलवाने और वहां प्लॉट बनवाने का झांसा देकर बड़ी राशि हड़प ली। लेकिन बाद में उसे ना तो जमीन दी गई और ना ही प्लॉट।
शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने भरोसा दिलाया था कि वे उसे एक उपयुक्त स्थान पर ज़मीन उपलब्ध कराएंगे और उस पर प्लॉट विकसित करेंगे। इस कार्य के लिए उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से अमित से करीब 30 लाख रुपये की रकम ले ली। पीड़ित का आरोप है कि कई महीने बीत जाने के बावजूद न तो उसे ज़मीन दी गई और न ही पैसा वापस किया गया।
जब लगातार प्रयासों के बावजूद अमित को न तो ज़मीन मिली और न ही धन वापसी, तब उसने कानूनी रास्ता अपनाने का निर्णय लिया। उसने कोर्ट में याचिका दायर कर न्याय की मांग की। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस थाना घुमारवीं को निर्देश दिए कि संबंधित आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया जाए।
डीएसपी बिलासपुर मदन धीमान ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि घुमारवीं पुलिस थाना में आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित दस्तावेजों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
यह मामला एक बार फिर रियल एस्टेट क्षेत्र में सक्रिय धोखेबाजों से सतर्क रहने की चेतावनी देता है। नागरिकों को किसी भी प्रॉपर्टी डील या ज़मीन से जुड़े निवेश से पहले दस्तावेजों की अच्छी तरह से जांच कर लेनी चाहिए और यदि संभव हो तो कानूनी सलाह भी अवश्य लेनी चाहिए। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पीड़ित को अब न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।