यह कहावत सच होती नजर आ रही है सिरमौर जिले में छोटी मछलियां जाल में फंसती जा रही है तथा बड़े मगरमच्छ गहरे पानी में मजे कर रहे हैं आप सोच रहे हैं छोटी मछली और मगरमच्छ की कहानी में हम आपको क्यों घुमा रहे हैं
परंतु यह बात आपके हमारे और हमारे बच्चों समाज परिवार से जुड़ी है बात कर रहे हैं नशा तस्करों की पिछले 1 सप्ताह में सिरमौर पुलिस ने नशा तस्करों को पकड़ कर खूब सुर्खियां बटोरी हैं परंतु इस सारे मामलों में एक बात खुलकर सामने आई है कि कोई भी बड़ा नशा तस्कर पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका है छोटी छोटी मात्रा में नशे के सम्मान के साथ नशा तस्कर पुलिस के हत्थे चढ़े हैं जबकी एक भी मामले मे पुलिस नशे का सामान बेचने वाले मुख्य आरोपी तक ना पहुच सकी है
एक वकील के अनुसार सिरमौर पुलिस की यही कहानी अधिकतर केस मे होती है की नशे का सामान कुलहाल कोई देने आता है जबकी सच यह है कि बड़ी मात्रा मे नशे का सामान शहर मे आ रहा है पिछले 3 वर्षों में हुई सैकड़ों मौते इस बात की गवाही दे रही है यही नहीं कई ऐसे तस्कर भी हैं जो पकड़े जाते हैं तथा फिर दोबारा जेल से आकर नशे के कारोबार में लग जाते हैं वही लचर कानुन के चलते नशा तस्करो के जल्दी जेल से बाहर आने पर पुलिस कर्मचारियो का मनोबल भी टूट रहा है एसपी सिरमोर अजय कृष्ण शर्मा के कड़े निर्देशों के बाद ही पुलिस ने दबाव में आकर ही नशा तस्करो को पकडने की सारी कार्रवाई को अंजाम दिया है वरना काफी समय से नशा तस्करों को पकड़ने में पुलिस सुस्ती दिखाई दे रही थी
यहां तक कि तस्करो को पकडने की सारी कार्रवाई के मीडिया में भी खूब चर्चे हुए किसी द्वारा पहले खबर लगाये जाने पर कुछ साथियों द्वारा जिले का कप्तान को किसी भी खबर का फोटो और जानकारी एक साथ सभी पत्रकारों को देने की सलाह भी दे दी गई एसपी साहब ने भी फरमान जारी करते हुए कह दिया है कि मीडिया से केवल वह या डीएसपी बात करेंगे पत्रकार कुछ क्राइम से जुड़ी खबरें समय पर ना मिलना से नाराज भी दिखाई दे रहे हैं परंतु कुछ मामलों में जनता द्वारा पत्रकारों को सूचना देने के बाद पत्रकार मौके पर पहुंचकर खबर बनाकर फ्लैश कर गए जिसमें दफ्तर में बैठकर खबरें बनाने वाले पत्रकार गुस्सा हो गए है












