किसानों की आय का साधन बनेगा हरा प्याज,कृषि विभाग ने 56 बीघा भूमि में पनीरी तैयार करके की अनूठी पहल

राजगढ़ क्षेत्र में हरा  प्याज की फसल को किसानों की आय का अतिरिक्त साधन बनाने के लिए कृषि विभाग द्वारा एक अनूठी पहल की गई है । विभाग द्वारा प्रयोगात्मक तौर पर पर 50 किसानों को हरा प्याज की उन्नत किस्म एग्रो फांउड पार्वति डार्क रेड  का 45 किलोग्राम बीज मुफ्त उपलब्ध करवाया गया है जिसकी 56 बीघा भूमि में गत मार्च में पनीरी डाली गई है । जिसकी पुष्टि कृषि विकास अधिकारी राजगढ़ डॉ0 अंजलि कटोच ने की है ।

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उन्होने बताया कि राजगढ़ क्षेत्र का जलवायु हरा प्याज के उत्पादन के लिए काफी उपयुक्त है । खरीफ प्याज की पनीरी राजगढ़ क्षेत्र के गांव जुब्बल-चंदेश, काथली भरण, कोटला मांगण, थनोगा, भूईरा इत्यादि गांव में प्रयोगात्मक तौर पर  तैयार की गई है जिसके लिए किसानों को प्रशिक्षण दिया गया है । उन्होने बताया कि  अगस्त माह के दौरान पनीरी को  खेतों में रोपित किया जाएगा । इनका कहना है कि एक किलोग्राम पनीरी से करीब 60 से 80 किलोग्राम हरा प्याज का उत्पादन होता है और अक्तूबर माह के दौरान इसकी फसल विक्रय के तैयार हो जाती है जब मार्किट में प्याज की कीमतें काफी अधिक होती है । बता दें कि राजगढ़ क्षेत्र में प्याज की फसल व्यवसायिक तौर  उत्पादित नहीं की जाती है।

डॉ0 कटोच ने बताया कि विभाग का यदि यह प्रयोग   सफल हो जाता है तो राजगढ़ क्षेत्र में इसकी खेती बड़े पैमाने पर आरंभ की जाएगी ताकि हरा प्याज की खेती किसानों के लिए आय का साधन बन सके । उन्होने बताया कि हरा प्याज की फसल दिसंबर व जनवरी में पक कर तैयार हो जाती है । इनका दावा है कि एक हैक्टेयर भूमि पर 200 से 250 क्ंिवटल हरा प्याज की फसल ली जा सकती है ।

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