ADVERTISEMENT

पांवटा साहिब : किसान विरोधी काले कानूनो के खिलाफ विशाल किसान ट्रैक्टर रैली का आयोजन

72 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर पांवटा साहिब में किसान विरोधी काले कानून को लेकर एक विशाल किसान ट्रैक्टर रैली का आयोजन किया गया

हिमाचल प्रदेश की सिरमौर जिले में स्थित गुरु की नगरी कहलाए जाने वाले धार्मिक व ऐतिहासिक स्थल पोंटा साहिब में किसानों ने एकजुट होकर केंद्र सरकार की मानव चूल्हे हिला दी हूं आज प्रातः से ही कड़ी ठंड और कोहरे के बावजूद किसान अपने अपने ट्रैक्टरों पर सवार होकर वह अन्य साधनों को लेकर पांवटा साहब के प्रमुख गुरु गोविंद सिंह चौक पर एकत्र होना शुरू हुए 10 बजते बजते ट्रैक्टर अन्य वाहनों का हुजूम सा लग गया

तकरीबन 10:15 बजे शुरू हुई इस विशाल रैली में इस किसान रैली को पूर्व सैनिकों ने खुली जीप में सवार होकर इसको लीड किया। हजारों की संख्या में ट्रैक्टरों सहित कार्य जीप व अन्य दो पहिया वाहनों पर सवार अनेक किसानों ने केंद्र सरकार के किसान विरोधी कहे जाने वाले दिल के विरोध में एक विशाल रैली निकाली जिसमें तकरीबन 1000 से ज्यादा छोटे बड़े वाहन शामिल हुए 10:15 बजे से लेकर तकरीबन 1:30 बजे तक यह काफिला लगातार पावटा साहब के गुरु गोविंद सिंह चौक से मुख्य बाजार की तरफ रवाना होता रहाहर ट्रैक्टर व अन्य वाहनों में जहां पर बुजुर्ग किसान युवा व हर आयु वर्ग के लोग शामिल थे वहीं पर इस किसान रैली में काफी संख्या में महिलाएं वह बच्चे भी शामिल हुए

इस सारे कार्यक्रम को एक कांग्रेसी नेता ने कैप्चर करने की कोशिश की जिसके बाद कई अन्य नेता लोग भी नाराज नजर आए यहां तक कि एक वरिष्ठ ट्रक यूनियन से जुड़े नेता को बार-बार बुलाने पर भी वह मंच पर नहीं गए  वही एक समाजसेवी भी मंच पर जाने के लिए इंकार कर चुके थे वही नाराज लोगों ने यह भी कहा कि यदि अगली बार ऐसे कार्यक्रम को कैप्चर करने की कोशिश की गई और अपने आप ही दो 2 घंटे तक भाषण देने की कोशिश की गई तो वह ऐसे कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे

जानकारों का मानना है कि हिमाचल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव जो कि 2022 में होने हैं उनके लिए यह एक खतरे की घंटी साबित हो सकती है वही एक राजनीतिक पार्टी के लोग इस किसान रैली से दूर ही रहे वह अकेला चलो की नीति वाले लोग इस रैली में शामिल नहीं हुए जानकारों की माने तो केंद्र सरकार के अड़ियल रवैए के कारण देशव्यापी इस तरह के जो किसान रैलियां निकाली जा रही हैं केंद्र सरकार को इस पर गौर करना चाहिए । वही अंध भक्तों और गोदी दलाल मीडिया भी किसान रैली की मिर्ची लगती नजर आ रही है

Related Posts

Next Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!