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बिलासपुर नगर में एक व्यवसायी ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गया। ठगों ने उसके बैंक खाते से 3 ट्रांजैक्शन कर 14 लाख 90 हजार रुपए की राशि उड़ा ली। ये 3 ट्रांजैक्शन्स 5 लाख, 5 लाख व 4 लाख 90 हजार रुपए की हुईं। ठगों ने यह राशि 2 अज्ञात बैंक खातों में स्थानांतरित की। जानकारी मिलते ही व्यवसायी ने अपना बैंक खाता फ्रीज करवा दिया। वहीं पुलिस के साइबर क्राइम विभाग ने जिन बैंक खातों के यह राशि ट्रांसफर हुई है, उन्हें फ्रीज करवा दिया है, लेकिन ठगों ने इस राशि का अधिकांश हिस्सा या तो निकलवा लिया है या फिर छोटी-छोटी ट्रांजैक्शन कर अन्य कई खातों में ट्रांसफर कर दिया है। बड़ी बात यह है कि व्यवसायी के बैंक खाते में यह एफडीआर की राशि थी। ठगों ने पहले ऑनलाइन एफडीआर को तुड़वाया व फिर संजीव के खाते में आई इस राशि को अन्य बैंक खातों में स्थानांतरित किया।
क्लिक करने पर नहीं खुला लिंक
मेन मार्कीट बिलासपुर निवासी व्यवसायी संजीव महाजन के अनुसार उनके व्हाट्सएप नंबर पर 25 नवम्बर को सुबह करीब 10.45 पर एक फर्जी ई-चालान आरटीओ का संदेश आया। इस संदेश पर संजीव ने दोपहर करीब 2 बजे क्लिक किया। कोई लिंक न खुलने पर संजीव ने मोबाइल फोन को साधारण तरीके से बंद कर दिया। ठगों ने कोई अज्ञात एप इस लिंक के माध्यम से संजीव के फोन में इंस्टाल कर दी, जिसका संजीव को पता नहीं चला। 26 नवम्बर को शाम करीब 4 बजकर 40 मिनट पर संजीव ने अपने मोबाइल फोन की स्क्रीन पर अपने बैंक खाते से 4 लाख 90 हजार रुपए की ट्रांजैक्शन के होने का मैसेज देखा, जिस पर उन्होंने तुरंत बैंक शाखा में फोन कर खाते की जानकारी ली तो उन्हें पता चला कि उनके खाते से रकम निकाल ली गई है। इस पर संजीव महाजन ने तुरंत साइबर क्राइम हैल्पलाइन 1930 पर व ई-मेल के माध्यम से इस ठगी की शिकायत की।
पानीपत व पश्चिमी बंगाल के 2 बैंक खातों में ट्रांसफर किया पैसा
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि ठगों ने 5 लाख व 4 लाख 90 हजार रुपए 2 ट्रांजैक्शन्स के माध्यम से पानीपत-हरियाणा स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एक बैंक खाते में ट्रांसफर किए और 1 अन्य ट्रांजैक्शन के माध्यम से 5 लाख रुपए पश्चिम बंगाल स्थित पंजाब नैशनल बैंक के एक खाते में ट्रांसफर किए। प्रारंभिक जांच में केवल पानीपत वाले बैंक खाते में केवल 1 लाख 92 हजार की बची शेष राशि का पता चला है। फिलहाल पुलिस ने इस खाते का फ्रीज करवा दिया है।
क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी
डीएसपी मुख्यालय मदन धीमान ने बताया कि संजीव महाजन की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत केस दर्ज कर लिया है और पुलिस सरगर्मी से मामले की जांच कर रही है।









