Khabron wala
ठंड का प्रकोप बढ़ते ही जोनल अस्पताल धर्मशाला में सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और वायरल संक्रमण के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ौतरी देखी जा रही है। बीते कुछ दिनों से अस्पताल की मेल, फीमेल और चाइल्ड ओ.पी.डी. में रोजाना करीब 100 से 120 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, जिनमें बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार मरीजों की संख्या अधिक है।
डाक्टरों के अनुसार अचानक तापमान में गिरावट, ठंडी हवाएं और लापरवाही बरतना इन बीमारियों की मुख्य वजह बन रहा है। अस्पताल की मैडीसिन और चाइल्ड ओ.पी.डी. में सबसे ज्यादा सर्दी-जुकाम, वायरल फीवर और गले के संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं।
ठंड में सतर्कता जरूरी, बचाव से ही मिलेगी राहत
विशेषज्ञों के अनुसार ठंड के मौसम में लापरवाही ही सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार की मुख्य वजह बन रही है। गर्म कपड़े न पहनना, ठंडा पानी पीना, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बिना सावधानी जाना और इम्यूनिटी कमजोर होना संक्रमण को बढ़ावा देता है। ऐसे में बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है।
डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि ठंड में खुद को अच्छी तरह गर्म रखें, पौष्टिक भोजन करें, गर्म पानी का सेवन करें और बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयों का इस्तेमाल न करें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। यदि तेज बुखार लगातार बना रहे, सांस लेने में दिक्कत हो, बच्चों में सुस्ती या तेज खांसी दिखे या बुजुर्गों में कमजोरी और सीने में जकड़न महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
डा. अनुराधा शर्मा, एम.एस., जोनल अस्पताल धर्मशाला का कहना है कि ठंड बढ़ने के साथ सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर के मामलों में इजाफा हो रहा है। अधिकांश मरीज समय पर सावधानी न बरतने के कारण बीमार पड़ रहे हैं।
हम लोगों से अपील करते हैं कि भीड़भाड़ में मास्क का प्रयोग करें, हाथों की स्वच्छता बनाए रखें और लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। खुद से दवा लेना नुक्सानदायक हो सकता है।











