Himachal: एसएचओ फेल, तो एसडीपीओ-एसपी पर गिरेगी गाज, डीजीपी ने तय की जिम्मेदारी की चेन, चिट्टे से जुड़े पुलिस कर्मचारी भी होंगे बेनकाब

Khabron wala

हिमाचल पुलिस में अगर एसएचओ फेल होते हैं, तो फिर एसडीपीओ और एसपी जिम्मेदार होंगे। एसएचओ की विफलता पर एसडीपीओ और एसपी हस्तक्षेप करेंगे। वहीं यदि एसपी विफल रहता है,तो फिर रेंज और पीएचक्यू हस्तक्षेप करेंगा। डीजीपी अशोक तिवारी ने जिम्मेदारी की चेन तय कर दी है। चिट्टा से जुड़े पुलिसकर्मी भी बेनकाब होंगे। पीएचक्यू ऐसे पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्ती से पेश आएगा। पीएचक्यू जिलों की रिपोर्टर पर निर्भर नहीं रहेगा। बल्कि सीधे तौर पर हस्तक्षेप कर सख्त फैसले लिए जाएंगे। अनुशासनहीनता पर आईपीएस से लेकर सिपाही तक जिम्मेदार है।

हिमाचल पुलिस वर्ष 2026 में अब चिट्टा तस्करों, तस्करी में शामिल पुलिस कर्मियों या फिर अनुशासनहीनता को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगा। पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने राज्य पुलिस बल के सभी स्तरों पर सख्त अनुशासन और नशीली दवाओं, खासकर चिट्टा के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को लेकर एक स्पष्ट और कड़ा संदेश जारी किया है।

You may also likePosts

जवाबदेही और हस्तक्षेप की व्यवस्था

डीजीपी ने पुलिस पदानुक्रम में सख्त जवाबदेही की रूपरेखा भी प्रस्तुत की है। यदि कोई एसएचओ विफल रहता है या अपना दायित्व ठीक से नहीं निभाता, तो एसडीपीओ और एसपी तुरंत हस्तक्षेप करेंगे। यदि कोई एसपी विफल रहता है, तो रेंज और पीएचक्यू सीधे कार्रवाई करेगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही या विफलता को बिना जांच के जारी रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

मनमानी से काम करने पर खैर नहीं

डीजीपी के अनुसार कुछ लोग नरम या समझौतावादी रुख अपनाने के लिए प्रलोभित हो सकते हैं, लेकिन पीएचक्यू इसमें संकोच नहीं करेगा। उन्होंने पुलिस अधिनियम के महत्त्वपूर्ण प्रावधानों धारा 3, 5, 63 आदि का जिक्र करते हुए कहा कि ये पर्यवेक्षी ढांचे, नियंत्रण और कमान के दायित्वों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करते हैं। किसी भी अधिकारी को मनमाने ढंग से कार्य करने की छूट नहीं है।

 

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!