जम्मू-कश्मीर में सुशासन और सशक्त विपक्ष का नया अध्याय: भाजपा विधायकों की विशेष कार्यशाला संपन्न, नेता प्रतिपक्ष हिमाचल जयराम ठाकुर ने दिया प्रशिक्षण

कहा, अनुभव, अंत्योदय और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ जनता की आवाज बनेंगे भाजपा के 29 विधायक

Khabron wala 

शिमला : जम्मू में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित एकदिवसीय विशेष कार्यशाला न केवल नवनिर्वाचित विधायकों के लिए प्रशिक्षण का माध्यम बनी, बल्कि इसने जम्मू-कश्मीर की बदलती राजनीतिक व्यवस्था में एक उत्तरदायी और सशक्त विपक्ष की नींव रखने का भी कार्य किया है, जहाँ पार्टी के सांगठनिक ढांचे को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ जनसेवा और सुशासन के प्रति अटूट संकल्प को दोहराया गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन का मुख्य उद्देश्य विधायकों को विधायिका के जटिल पहलुओं, सदन की मर्यादाओं और जनता के प्रति उनके संवैधानिक दायित्वों से गहराई से अवगत कराना था, ताकि वे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करते हुए प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें।

कार्यशाला के दौरान सुशासन और ‘अंत्योदय’ के वैचारिक अधिष्ठान पर विशेष मंथन हुआ। प्रशिक्षण शिविर में मुख्य वक्ता के रूप में हिमाचल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस बात पर जोर दिया कि भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी होने के नाते समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है, और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत को वैश्विक पटल पर ऊंचाइयों पर ले जाने के ‘विकसित भारत’ के संकल्प में जम्मू-कश्मीर के विधायकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इस प्रशिक्षण शिविर के केंद्र में हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता जयराम ठाकुर का व्यापक अनुभव रहा, जिन्होंने विधायकों को प्रेरित करते हुए अत्यंत गर्व के साथ साझा किया कि उन्हें हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सदस्य, मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष के रूप में लगातार 28 वर्षों तक कार्य करने का अनुभव रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात की असीम प्रसन्नता है कि मेरा यह दीर्घकालिक विधायी अनुभव जम्मू-कश्मीर के इन 29 विधायकों के कौशल विकास और जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने में काम आएगा। कार्यशाला में विशेष सत्र के माध्यम से विपक्ष की भूमिका को जयराम ठाकुर ने परिभाषित किया।

पूर्व मुख्यमंत्री एवम नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि एक सजग विपक्ष का प्राथमिक धर्म सरकार की जनविरोधी नीतियों पर अंकुश लगाना, सदन के भीतर जनता की समस्याओं के लिए पुरजोर संघर्ष करना और सरकार को कल्याणकारी निर्णय लेने के लिए विवश करना है, जिसके लिए निरंतर जनसंवाद और जनता की आकांक्षाओं को विधानसभा की दहलीज तक पहुँचाना अनिवार्य है।

बाद में जयराम ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस कार्यशाला ने भाजपा विधायी दल को नई ऊर्जा और रणनीतिक दिशा प्रदान की है, जो आने वाले समय में जम्मू-कश्मीर के विकास, क्षेत्रीय आकांक्षाओं की पूर्ति और लोकतांत्रिक गरिमा को बनाए रखने के लिए एक प्रहरी की तरह कार्य करेगी। भाजपा का प्रत्येक विधायक राष्ट्र निर्माण की वृहद विचारधारा को आत्मसात करते हुए जनता की सेवा के लिए पूरी तरह समर्पित है। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ, विधायक व अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

जयराम ठाकुर का यहाँ पहुँचने पर जम्मू कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा और विधायक अरविंद गुप्ता ने स्वागत किया।

इससे पूर्व जयराम ठाकुर ने दिवंगत नेता और नगरोटा के पूर्व विधायक स्वर्गीय देवेंद्र सिंह राणा के निवास पर जाकर उनकी सुपुत्री से भेंट की और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए राणा जी के उस अमूल्य योगदान को याद किया जिसने उन्हें जनता के बीच एक सादगीपूर्ण और संवेदनशील जननेता के रूप में स्थापित किया था। उन्होंने कहा कि उनकी कमी को पूरा करना असंभव है, परंतु उनके द्वारा स्थापित मानवीय मूल्य सदैव प्रेरणा देते रहेंगे।

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