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हिमाचल प्रदेश ने आज अपने गौरवशाली अस्तित्व के 56 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर कांगड़ा के प्रागपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह केवल एक उत्सव मात्र नहीं रहा, बल्कि यह राज्य की ‘सशक्त भविष्य’ की नींव रखने वाला दिन बन गया। राज्यत्व दिवस समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक ओर पुरानी पीढ़ियों के प्रति सम्मान जताया, वहीं दूसरी ओर युवाओं और विकास की नई राहों के लिए सौगातों की बौछार कर दी।
प्रमुख घोषणाएँ और जनहित के निर्णय
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के बुजुर्गों और सेवादारों का दिल जीत लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता में आम जनमानस सबसे ऊपर है:
पेंशनरों को उपहार: राज्य के पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों के लिए बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि उनकी बकाया राशि का भुगतान 31 जनवरी से पहले सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रशासनिक विस्तार: स्थानीय जनता की सुविधा के लिए प्रागपुर में नया एसडीएम कार्यालय खोलने और नलसूहा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) स्थापित करने की आधिकारिक घोषणा की गई।
शिक्षा और पर्यटन: हर विधानसभा क्षेत्र में आधुनिक डे-बोर्डिंग और सीबीएसई स्कूलों की स्थापना पर जोर दिया गया। साथ ही, कांगड़ा को प्रदेश की ‘पर्यटन राजधानी’ बनाने के विज़न को धरातल पर उतारने की बात दोहराई गई।
मुख्यमंत्री ने हालिया प्राकृतिक आपदाओं का जिक्र करते हुए विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कठिन आर्थिक परिस्थितियों और केंद्र से अपेक्षित सहयोग न मिलने के बावजूद, हिमाचल सरकार ने आपदा प्रभावितों के पुनर्वास के लिए मुआवजे की राशि को कई गुना बढ़ाकर मानवता का परिचय दिया है।
एक सुरक्षित और समृद्ध विजन
प्रदेश के युवाओं को नई दिशा देने के लिए सरकार के रोडमैप में कुछ महत्वपूर्ण बिंदु शामिल रहे:
नशा मुक्त हिमाचल: युवाओं को नशे के चंगुल से बचाने के लिए प्रदेश व्यापी अभियान को और तेज किया जाएगा।
रोजगार और संस्थान: सिरमौर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के संस्थानों का निर्माण और रोजगार के नए अवसरों का सृजन।
सतत विकास: ‘समृद्ध हिमाचल विज़न’ के जरिए पर्यावरण को बचाते हुए आधुनिक प्रगति की रूपरेखा तैयार की गई है।
नेतृत्व और राष्ट्र की शुभकामनाएँ
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने हिमाचल को पहाड़ी राज्यों का ‘रोल मॉडल’ बनाने वाले पूर्वजों और मेहनती जनता को नमन किया। उन्होंने आह्वान किया कि हर नागरिक को हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देवभूमि की अद्भुत संस्कृति और वहां के लोगों के पराक्रम की सराहना की। उन्होंने हिमाचल के स्वर्णिम भविष्य की कामना करते हुए समस्त निवासियों को राज्य स्थापना की बधाई दी।












