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हिमाचल में मौसम फिर से करवट लेने जा रहा है। पहाड़ों पर शांति के बाद अब आसमान एक बार फिर भारी होने लगा है। बीती रात से ही कई इलाकों में ठंडी हवाओं और बदलते बादलों ने संकेत दे दिए थे कि आने वाले घंटे आसान नहीं होंगे। अब मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि अगले 24 घंटे हिमाचल के लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। वहीं, कई इलाकों में बारिश-बर्फबारी शुरू हो चुकी है।
अगले 24 घंटे भारी
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश में भारी बर्फबारी को लेकर चेतावनी जारी की है। बर्फ गिरने के साथ-साथ बर्फीले तूफान, शीतलहर और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है। विभाग ने टूरिस्ट और स्थानीय लोगों को अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों की यात्रा फिलहाल टालने की सलाह दी है।
लाहौल-स्पीति, चंबा, कुल्लू और किन्नौर जिलों की ऊंची चोटियों पर एक-दो स्पेल में भारी हिमपात शुरू हो गया है। वहीं शिमला, मंडी, कांगड़ा, सिरमौर और सोलन के ऊपरी क्षेत्रों में भी बारिश हो रही है। निचले और मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में तेज बारिश के साथ आंधी तूफान चल रहा है।
कुल्लू में स्कूल बंद, प्रशासन अलर्ट
मौसम अलर्ट को देखते हुए कुल्लू जिला प्रशासन ने एहतियातन कदम उठाए हैं। उपायुक्त तोरुल एस. रविश ने मनाली और बंजार सब-डिवीजन के सभी शिक्षण संस्थानों में आज अवकाश घोषित कर दिया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
आंधी-तूफान और शीतलहर का असर
प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में बीती रात से मौसम बिगड़ा हुआ है। लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर बाकी 10 जिलों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान चलने की संभावना जताई गई है। इन्हीं जिलों में शीतलहर को लेकर यलो अलर्ट भी जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। ऊना, बिलासपुर, सोलन और सिरमौर जिलों में ओलावृष्टि का पूर्वानुमान भी दिया गया है, जिससे किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ गई है।
31 जनवरी को फिर एक्टिव होगा पश्चिमी विक्षोभ
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 28 और 29 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ थोड़ा कमजोर पड़ेगा, जिससे ऊंचे क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी और बारिश हो सकती है, जबकि निचले इलाकों में मौसम कुछ हद तक साफ रहेगा। 30 जनवरी को पूरे प्रदेश में मौसम साफ होने की संभावना है। हालांकि 31 जनवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे एक फरवरी तक फिर अच्छी बारिश और बर्फबारी के आसार बन रहे हैं।
पिछली भारी बारिश-बर्फबारी के बाद हालात पहले ही मुश्किल बने हुए हैं। प्रदेश में 3 नेशनल हाईवे समेत करीब 750 सड़कें बंद पड़ी हैं। इसके अलावा 1500 से ज्यादा बिजली ट्रांसफॉर्मर और 175 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं। कई क्षेत्रों में आवाजाही ठप है और पर्यटक भी फंसे हुए हैं। ऐसे में दोबारा भारी बर्फबारी का अलर्ट आम लोगों की परेशानी और बढ़ा सकता है।












