Khabron wala
कहते हैं अगर हौसलों में उड़ान हो और इरादों में जान, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। इसी बात को सच कर दिखाया है सुजानपुर शहर की होनहार बेटी आकांक्षा मेहरा ने। अपनी कड़ी मेहनत, लगन और अटूट आत्मविश्वास के दम पर आकांक्षा ने कृषि क्षेत्र अधिकारी के पद पर चयनित होकर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे सुजानपुर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
सीमित संसाधनों में भी नहीं रुकने दी पढ़ाई
सुजानपुर के वार्ड नंबर-6 की निवासी आकांक्षा मेहरा के सिर से पिता का साया पहले ही उठ चुका था। पिता संजीव (संजू) मेहरा के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी और आकांक्षा के सपनों को पूरा करने का दारोमदार उनकी माता दया कुमारी पर था, जो एक गृहिणी हैं। उनके पास संसाधन सीमित थे, लेकिन उन्होंने शिक्षा को हमेशा अपनी प्राथमिकता बनाए रखा। तमाम मुश्किलों और चुनौतियों के बावजूद आकांक्षा ने अपनी पढ़ाई पर फोकस किया और आज यह मुकाम हासिल कर समाज के सामने एक मिसाल पेश की है।
क्षेत्र में खुशी की लहर, बधाई देने वालों का लगा तांता
आकांक्षा मेहरा के कृषि क्षेत्र अधिकारी बनने की खबर मिलते ही सुजानपुर में खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय निवासियों, व्यापारी वर्ग और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने आकांक्षा और उनके परिवार को इस उपलब्धि पर बधाई दी है। लोगों का कहना है कि आकांक्षा की यह सफलता सुजानपुर की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। नगरवासियों का मानना है कि विपरीत परिस्थितियों में भी हार न मानने वाली आकांक्षा ने साबित कर दिया है कि बेटियों को अगर मौका मिले तो वे आसमान छू सकती हैं।











