Khabron wala
हिमाचल प्रदेश को यूं ही देवभूमि नहीं कहा जाता, यहां लोगों की आस्था प्रकृति की कठोरता पर भी भारी पड़ती है। ऐसा ही एक अद्भुत और प्रेरणादायक नजारा मंडी जिले के उपमंडल बालीचौकी में देखने को मिला। यहां भारी बर्फबारी और कड़ाके की ठंड के बीच आराध्य देवता श्री चुंजवाला ने अपने भक्तों के साथ एक कठिन यात्रा पूरी की।
बता दें कि मंगलवार को क्षेत्र में मौसम बेहद खराब था। आसमान से लगातार बर्फ गिर रही थी और ठंडी हवाएं चल रही थीं। इसके बावजूद, देवता श्री चुंजवाला को उनके मूल स्थान देवधार से शिवाड़ी तक ले जाया गया। बताया जा रहा है कि शिवाड़ी में देवता के एक भक्त के घर निजी देउली (धार्मिक कार्यक्रम) का आयोजन था। इस आयोजन में शामिल होने के लिए देवता की पालकी के साथ दर्जनों देवलू करीब 12 किलोमीटर तक पैदल चले।
रास्ते में कई स्थानों पर एक फुट से अधिक बर्फ जमी हुई थी और बर्फीला तूफान चल रहा था। जहां खराब मौसम के डर से आम लोग अपने घरों में ही कैद रहे, वहीं देवता के साथ चल रहे देवलुओं के कदम नहीं डगमगाए। पूरे रास्ते वे वाद्ययंत्रों की धुन पर श्रद्धा भाव के साथ आगे बढ़ते रहे। हैरानी की बात यह रही कि इतनी विषम परिस्थितियों के बावजूद किसी भी व्यक्ति को थकान या परेशानी महसूस नहीं हुई।
देवता चुंजवाला के देवलुओं ने इस यात्रा के अनुभव को सांझा करते हुए बताया कि देवधार से शिवाड़ी तक का सफर चुनौतियों से भरा था। भारी तूफान और बर्फबारी लगातार हो रही थी, लेकिन सभी देवलू देव भक्ति में इस कदर लीन थे कि उन्हें मौसम की मार का अहसास ही नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि हिमाचल के लोगों की यही अटूट आस्था और देवी-देवताओं का आशीर्वाद उन्हें हर मुश्किल से पार ले जाता है।








