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हिमाचल की ज्योति बनी फ्लाइंग ऑफिसर, कड़ी मेहनत से पूरा किया आसमान छूने का सपना

Khabron wala

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के निरमंड तहसील के नावा गांव की बेटी ज्योति (जागृति) ने भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर देवभूमि का नाम रोशन किया है। जागृति की इस उपलब्धि से न केवल निरमंड, बल्कि पूरे कुल्लू जिले में खुशी की लहर है।

विरासत में मिली देशभक्ति का जज्बा

ज्योति काे देशभक्ति का जज्बा विरासत में मिला है। उनके पिता तेजा देव वर्तमान में आईटीबीपी में असिस्टैंट सब इंस्पैक्टर के पद पर उत्तर-पूर्वी सीमा पर तैनात हैं। वह वर्ष 2010-11 में संयुक्त राष्ट्र के अफ्रीका शांति मिशन में भारत का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं। ज्योति की माता अरुणा देवी एक गृहिणी हैं, जिन्होंने अपनी बेटियों की शिक्षा के लिए कड़ा संघर्ष और त्याग किया है। जागृति की छोटी बहन कृतिका भी मेधावी हैं और सेंट बीड्स कॉलेज शिमला से स्नातक कर रही हैं।

7 साल के कठिन परिश्रम का मिला फल

ज्योति की यह सफलता 7 वर्षों के कड़े संघर्ष और घर से दूर रहकर की गई तपस्या का परिणाम है। उन्होंने सरस्वती विद्या मंदिर और अम्बिका पब्लिक स्कूल निरमंड से शुरुआती शिक्षा लेने के बाद डीएवी कॉलेज चंडीगढ़ से स्नातक की पढ़ाई की। चंडीगढ़ में पढ़ाई के दौरान वह एनसीसी एयर विंग से जुड़ीं, जहां उन्होंने ए-ग्रेड के साथ सी-सर्टिफिकेट हासिल किया। उनकी प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने चंडीगढ़ में माइक्रो प्लेन से को-पायलट के मार्गदर्शन में 40-40 मिनट की 2 सफल उड़ानें भरीं। इस दौरान उन्होंने आसमान में ओवरटेकिंग और सुरक्षित लैंडिंग जैसे जटिल अभ्यासों को सफलतापूर्वक पूरा किया।

परिजनाें ने ईष्ट देवताओं सहित इन्हें दिया सफलता का श्रेय

ज्योति के माता-पिता ने अपनी बेटी की कामयाबी का श्रेय ईष्ट देवताओं की कृपा, रिश्तेदारों के सहयोग और विभिन्न शिक्षण संस्थानों (राजमाता शांति देवी स्कूल पोखधार, डीएवी कॉलेज, पंजाब यूनिवर्सिटी व एनसीसी एयर विंग) के मार्गदर्शन को दिया है। जागृति की यह उपलब्धि प्रदेश की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है, जो सशस्त्र बलों में शामिल होकर देश की सेवा करने का सपना देखती हैं।

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