(जसवीर सिंह हंस ) ट्रेफिक नियमो की धज्जिया उड़ा रहे ट्रालो पर सवाल ये है कि ओवरलोड ट्राले शहर के बीचो बीच तेज गति से दोड़ रहे है | ये इतनी खतरनाक तरह से ड्राइविंग करते है कि दुसरो की जान आफत में आ जाती है | वही ये ट्राले जाम लगाने में के लिए भी पूरे जिम्मेवार है परिवन विभाग पुलिस प्रशासन खनन विभाग तो कुम्भ्करनी नींद सोया पड़ा है सूत्रों के मुताबिक इन ट्राले कि एन्ट्री विभिन्न विभागों में भारी रिश्वत देकर एक से दस तारीख तक हो जाती है व बाकि दिन हरियाणा के कुछ अमीर दलाल कारो में आते है व सेटिंग कर ट्राले निकलवाकर जाते है यदि बेरियल पर लगे CCTV का रिकॉर्ड देखा जाये तो सारा सच सामने आ जायेगा | WWW.KHABRONWALA.CO.in ने पहले भी इस बात का खुलासा किया था कि किस प्रकार ये सारा खेल खेला जा रहा है I अब नाके के लगाए जा रहे हैं जहां पर इन ट्रालासुर मालिको से अवैध एंट्री ली जा रही है
पांवटा साहिब (हिमाचल प्रदेश) में तेज़ रफ़्तार ट्राले (ट्रक) और डंपर एक गंभीर समस्या बन गए हैं, जिनके कारण लालधांग, बातापुल , बद्रीपुर देवीनगर और शहर के अन्य हिस्सों में लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। इन हादसों में स्थानीय निवासियों की मौतों और चोटिल होने के कारण लोगों में काफी गुस्सा है और वे शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।
पांवटा साहिब में ट्राले/ट्रक से जुड़ी मुख्य बातें:
बढ़ते हादसे: अनियंत्रित ट्रकों और ट्राले द्वारा टक्कर मारने के कारण, विशेषकर बद्रीपुर के आसपास के क्षेत्रों में, लोग अक्सर हताहत हो रहे हैं।
जनता का विरोध: स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मौतों के बाद सड़क जाम और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है, जिसमें ट्राले की आवाजाही पर कड़ी पाबंदी की मांग की गई है।
प्रशासनिक कदम: पुलिस और एसडीएम ने आश्वासन दिया है कि शहर के अंदर भारी वाहनों के आने-जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि इन दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
वही खानापूर्ति के नाम पर आरटीओ ने शहर में पहुंचकर इक्का-दुक्का ट्रक के चालान कर कर खानापूर्ति पूरी कर दी थी वह भी पहले माजरा में एक युवक की मौत के जिम्मेवार भी ट्राला ही था जिसने बाइक स्वर युवक को कुचल दिया था | व युवक की मोके पर ही मौत हो गयी थी | मीडिया में छपी खबरों से हुई परिवहन विभाग की फजीहत को दबाने के लिए सिर्फ एक दिखावा किया जाता हैं यही नहीं सड़क सुरक्षा के नाम पर लोगों को जागरूक करने के लिए केवल विभाग द्वारा दिखावा मात्र किया जा रहा है और लाखो रुपये फूंके जा रहे है |









