Khabron wala
हिमाचल में नशे की समस्या गंभीर होती जा रही है। पुलिस मैपिंग के दौरान पता चला है कि प्रदेश की लगभग 50 फीसदी पंचायतों में नशे का जाल फैल चुका है, जिसमें 234 पंचायतें चिट्टे की चपेट में है। इसमें सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि प्रदेश भर की करीब 3577 पंचायतों में से 1500 पंचायतों में नशा हो रहा है व इनमें से 234 पंचायतों को चिट्टा जकड़ चुका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पंचायत स्तर पर नशा निवारण समिति का गठन किया गया है, जिसमें पंचायत प्रतिनिधियों के अलावा संबंधित विभाग के लोगों को भी शामिल किया गया है, जो पंचायत को नशे से दूर कैसे रखा जाए व जो नशे के आदी हो गए हैं, उनसे कैसे नशा छुड़ाया जाए, इस दिशा में काम कर रहे हैं। इसके लिए वे जिला स्तर पर अपनी रिपोर्ट भेजते हैं वहां से उन्हें मदद मिलती है जिला भी प्रदेश मुख्यालय को इस बारे में अवगत करवाता है।
क्या कहते हैं डीजीपी अशोक तिवारी
डीजीपी अशोक तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के आदेश पर इसे पंचायत स्तर तक लागू किया गया है। मैपिंग के दौरान पाया गया कि करीब 1500 पंचायतों में नशे की समस्या है व इनमें से 234 पंचायतों में चिट्टे का इस्तेमाल हो रहा है। इसे जड़ से मिटाने के लिए पुलिस प्रशासन रात-दिन प्रयासरत है व सकारात्मक परिणाम भी सामने रहे हैं। इसमें युवाओं का बड़े स्तर पर सहयोग मिल रहा है। प्रदेश पुलिस नशे के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है व बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान भी चला रही है।












