जिला सिरमौर के पांवटा साहिब के तिरुपति लाइफ साइंस उद्योग में शनिवार शाम को स्टोर टैंक में मिथाइल डाईक्लोराइट गैस का रिसाव हो गया। गैस रिसाव के संपर्क में आने से उद्योग के आठ कर्मचारी घायल हो गए। जिनका की जुनेजा अस्पताल पांवटा साहिब में उपचार चल रहा है।
जिसमें से दो की हालत सामान्य तथा दो को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।जबकि चार का आईसीयू में उपचार चल रहा है। घायलों में महेश, खुशबू, पूजा, सुमन, शबाना, मनीषा व सीमा व एक अन्य व्यक्ति शामिल है।
इसे आसपास के एरिया और घरों में रह रहे लोगों को भी नुकसान हो सकता है स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस कंपनी के मालिकों और प्रबंधन खिलाफ मामला दर्ज किया जाए और इस कंपनी को बंद किया जाए ताकि आगामी जान माल की हानि को रोका जा सके और इतने अधिक मात्रा में ज्वलनशील और विस्फोटक पदार्थ रखने पर कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि आसपास के इलाके में कोई बड़ा हादसा ना हो सके
मिथाइल डाईक्लोराइड गैस गंधहीन व रंगहीन गैस है। जिसमें मध्यम ज्वलनशील और विस्फोटक क्षमता होती है। मिथाइल डाईक्लोराइड को आंखों, नाक और गले के लिए गैर जलनशील माना जाता है। हाल कि इस का तरल पदार्थ फ्रॉस्टबाइट का कारण बन सकता है। वह अधिक मात्रा में और अधिक देर इसकी चपेट में आने से मौत भी हो सकती है
गैस रिसाव से थकान, उनींदापन, लड़खड़ाती चाल, सिरदर्द, धुंधली दृष्टि, मानसिक भ्रम, चक्कर आना, मांसपेशियों में ऐंठन और अकड़न, और कंपन जैसे लक्षण 1-4 घंटे की गुप्त अवधि के बाद प्रकट हो सकते हैं। मिथाइल डाईक्लोराइड का उपयोग सिलिकोन, कृषि रसायन, मिथाइल सेलुलोज, चतुर्धातुक अमीन, ब्यूटाइल रबर और टेट्राएथिल लेड के उत्पादन में रासायनिक मध्यवर्ती के रूप में किया जाता है।
जिला सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चित सिंह नेगी ने उद्योग में गैस रिसाव की पुष्टि करते हुए कहा कि उद्योग प्रबंधन ओर मालिको के खिलाफ विभिन्न धाराओं में लापरवाही का मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी गई है।









