Khabron wala
Nahan में ओवरलोड डंपरों की लगातार आवाजाही ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब DC, SP और RTO जैसे शीर्ष अधिकारियों का मुख्यालय इसी शहर में स्थित है, तो उनके गृह क्षेत्र में ही यदि नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं, तो अन्य इलाकों की स्थिति का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है।
नियमों की अनदेखी या मिलीभगत?
आरोप है कि ओवरलोड डंपर आये दिन शहर की सड़कों से गुजरते हैं। कई बार ये वाहन निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक सामग्री लेकर चलते हैं, जिससे न केवल सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं बल्कि आम जनता की जान भी जोखिम में पड़ रही है।
स्कूल, बाजार और रिहायशी इलाकों से गुजरते ये भारी वाहन दुर्घटना का बड़ा कारण बन सकते हैं। बावजूद इसके, कार्रवाई का अभाव लोगों के मन में कई तरह के सवाल पैदा कर रहा है।
जनता में रोष
बार-बार शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई क्यों नहीं?
क्या चेकिंग अभियान नियमित रूप से चल रहे हैं?
क्या ओवरलोडिंग पर वाकई सख्ती है या केवल दिखावा?
क्या नियम सिर्फ छोटे वाहन चालकों पर ही लागू होते हैं?
सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि:
✔️ शहर में नियमित नाकाबंदी और चेकिंग अभियान चलाए जाएं
✔️ ओवरलोड डंपरों के चालान के साथ लाइसेंस व परमिट की जांच की जाए
✔️ नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए
✔️ जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी, तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
अब सवाल यह है कि प्रशासन चेतता है या फिर हालात यूं ही बने रहते हैं।









