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हिमाचल प्रदेश की राजनीति में इस समय काफी सरगर्मी है। कांग्रेस आलाकमान ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सहित उनके पूरे मंत्रिमंडल को दिल्ली तलब किया है। पहले यह महत्वपूर्ण बैठक 19 फरवरी को तय की गई थी, लेकिन अब कार्यक्रम में आंशिक बदलाव करते हुए इसे 20 फरवरी को आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
बैठक का मुख्य एजेंडा और दिग्गज नेताओं की मौजूदगी
इस उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे करेंगे। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, हिमाचल प्रदेश की प्रभारी रजनी पाटिल, सह-प्रभारी चेतन चौहान और विदित चौधरी भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
हिमाचल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार, जो पहले ही दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं, ने बताया कि इस बैठक में न केवल राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर चर्चा होगी, बल्कि संगठन की मजबूती और उसके विस्तार को लेकर भी गंभीर रणनीति बनाई जाएगी।
केंद्र के साथ ‘राजस्व घाटा अनुदान’ (RDG) पर टकराव
बैठक का एक प्रमुख बिंदु 16वें वित्त आयोग द्वारा हिमाचल प्रदेश के राजस्व घाटा अनुदान (Revenue Deficit Grant) को रोकने का निर्णय है। अनुदान बंद होने से राज्य के सामने खड़े होने वाले आर्थिक संकट से आलाकमान को अवगत कराया जाएगा। विनय कुमार ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार प्रदेश के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुक्खू के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मिलने का समय मांगेगा ताकि राज्य का पक्ष मजबूती से रखा जा सके।
बागवानों के हितों और आगामी रणनीति पर चर्चा
बैठक में केवल वित्तीय मामले ही नहीं, बल्कि कृषि क्षेत्र से जुड़ी समस्याएं भी उठाई जाएंगी। हिमाचल के सेब उद्योग पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को लेकर भी चर्चा होगी। प्रदेश कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न जन-सम्पर्क कार्यक्रमों की प्रगति रिपोर्ट भी आलाकमान को सौंपी जाएगी।












