Khabron wala
हिमाचल की राजधानी शिमला जिला से एक बेहद दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक परिवार पर उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब उनके मात्र 13 साल के बेटे की मौत एक हादसे में हो गई। बेटे की मौत ने पूरे परिवार को सदमें में डाल दिया है। वहीं बेटी की देह को देख कर मां बार बार बेसुध हो रही है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच कर आगामी जांच में जुट गई है।
13 साल के बालक की मौत
मिली जानकारी के अनुसार यह हादसा शिमला जिला के उपमंडल रोहड़ू के तहत आते चिड़गांव क्षेत्र के गांव बड़ियारा से सामने आया है। यहां घर की छत पर खेलते खेलते अचानक 13 साल का बालक चुन्नी के फंदे में फंस गया और उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान 13 वर्षीय आयुष पुत्र रिशपाल के रूप में हुई है। घटना के समय वह घर की छत पर खेल रहा था।
बताया जा रहा है कि आयुष घर की छत पर खेल रहा था। खेल.खेल में उसके हाथ में एक चुन्नी आ गई। मासूमियत में वह उसी के साथ खेलता रहा, लेकिन कुछ ही पलों में वही चुन्नी उसके लिए जानलेवा बन गई। अचानक कपड़ा उसके गले में फंस गया और वह संतुलन खो बैठा। जब तक परिवार के लोग कुछ समझ पाते, तब तक वह फंदे में उलझ चुका था।
जब परिजनों ने बेटे को उस हालत में देखा तो घर में चीख.पुकार मच गई। मां अपने बेटे का शव देखकर बेसुध हो गई। परिवार के अन्य सदस्य और पड़ोसी तुरंत मौके पर पहुंचे और आयुष को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एक पल में हंसता.खेलता घर मातम में बदल गया। पड़ोसियों के अनुसार आयुष की असमय मौत से गांव में शोक की लहर है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस चौकी जांगला की टीम मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच में किसी भी प्रकार की साजिश या संदिग्ध परिस्थिति सामने नहीं आई। परिजनों और स्थानीय लोगों से पूछताछ के बाद इसे एक दुखद हादसा माना जा रहा है। शव का पोस्टमार्टम रोहड़ू के सिविल अस्पताल में करवाया गया और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में फिलहाल किसी तरह की आपराधिक आशंका नहीं है।








