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हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले किन्नौर की युवा मुक्केबाज दीक्षिता भट्ट ने खेल जगत में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है। सांगला तहसील के कामरू गांव की रहने वाली दीक्षिता ने महाराष्ट्र के नागपुर में आयोजित अंडर-17 जूनियर राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
राष्ट्रीय सफलता के बाद अंतरराष्ट्रीय चयन
राष्ट्रीय स्तर पर अपने आक्रामक और तकनीकपूर्ण प्रदर्शन के दम पर दीक्षिता ने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इसी प्रदर्शन के आधार पर अब उनका चयन अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप के लिए किया गया है। वे इस प्रतियोगिता में भारतीय दल का हिस्सा बनकर देश का प्रतिनिधित्व करेंगी। दीक्षिता की इस सफलता का श्रेय सांगला स्थित लायंस बॉक्सिंग क्लब की ट्रेनिंग और उनके कोच सुमन सौरभ नेगी के कुशल मार्गदर्शन को जाता है।
अनुशासन और परिवार का सहयोग
दीक्षिता एक सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद वर्तमान में कोटखाई में कार्यरत हैं। उनके पिता और माता के निरंतर प्रोत्साहन ने दीक्षिता को खेल की दुनिया में कठोर परिश्रम करने के लिए प्रेरित किया। बचपन से ही अनुशासित परिवेश में पली-बढ़ी दीक्षिता ने अपनी जीत का श्रेय अपने कोच, माता-पिता और अपनी कड़ी मेहनत को दिया है। दीक्षिता की इस उपलब्धि से पूरे किन्नौर और हिमाचल के खेल प्रेमियों में भारी उत्साह है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय रिंग में भी दीक्षिता अपने विरोधियों को धूल चटाएंगी और देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर वापस लौटेंगी।









