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जिला एवं सत्र न्यायाधीश नाहन (सिरमौर) की अदालत ने एनडीपीएस एक्ट (ND&PS ACT) के एक मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
जिला न्यायवादी चंपा सुरील ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2019 में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश जसवाल की अदालत ने शनिवार को ये महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी अजय परमार पुत्र इंदर विक्रम सिंह परमार निवासी मोहल्ला जोगीयान, बड़ा चौक, नाहन को एनडीपीएस की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया।
उन्होंने बताया कि मामले के अनुसार 14 दिसंबर 2019 को सिरमौर पुलिस की एसआईयू टीम नाहन से गश्त और मादक पदार्थ अधिनियम के तहत निगरानी के लिए आमवाला, सैनवाला और कालाअंब क्षेत्र की ओर रवाना हुई थी। इसी दौरान करीब साढ़े तीन बजे पुलिस को सूचना मिली कि एक व्यक्ति सिल्वर रंग की स्कूटी नंबर HP18B-8310 पर कालाअंब की ओर जा रहा है और उसके पास भारी मात्रा में नशीले कैप्सूल हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने सैनवाला कटाघर मंदिर के पास नाकेबंदी की। कुछ देर बाद उक्त स्कूटी वहां पहुंची, जिसे रोककर चालक से पूछताछ की गई। चालक ने अपना नाम अजय परमार बताया। पुलिस ने नियमानुसार तलाशी ली तो स्कूटी की डिक्की से एक काले रंग का पिट्ठू बैग बरामद हुआ।
बैग की तलाशी लेने पर उसमें 10 गत्तों के डिब्बे मिले, जिनसे नीले रंग के कुल 1440 नशीले कैप्सूल बरामद हुए। पूछताछ के दौरान आरोपी इन कैप्सूलों के संबंध में कोई वैध लाइसेंस या परमिट प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से जिला न्यायवादी कार्यालय के माध्यम से कुल 15 गवाहों के बयान अदालत में दर्ज कराए गए। साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए उक्त सजा सुनाई।









