हिमाचल में प्री-मानसून की दस्तक: झमाझम बारिश, ओलावृष्टि और अंधड़ से जनजीवन प्रभावित; आज इन जिलों के लिए अलर्ट

Khabron wala 

हिमाचल प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, चंबा और सिरमौर सहित कई जिलों में बारिश, ओलावृष्टि और अंधड़ से जनजीवन प्रभावित हुआ है। पंडोह डैम का जलस्तर बढ़ने पर बीबीएमबी ने ब्यास नदी में अतिरिक्त पानी छोड़ने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को पांच जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

हिमाचल में प्री मानसून की बौछारें शुरू हो गई हैं। राज्य में 25 जून तक मानसून के प्रवेश करने की संभावना है। कुल्लू, सोलन, सिरमौर, मंडी, कांगड़ा, हमीरपुर और चंबा जिलों में कई स्थानों पर झमाझम बारिश हुई। शिमला में रात आठ बजे के बाद गरज-चमक और अंधड़ के साथ तेज बारिश का दौर शुरू हो गया।

चंबा के रजेरा के गढ़ नाला में जलस्तर बढ़ने से बीस भेड़-बकरियां मलबे में दब गई हैं। वहीं, भरमौर-पठानकोट हाईवे पर भरमौर सरेंई नाला में मलबा आने से हाईवे कार के टायर मिट्टी में दब गए। वहीं, पंडोह बांध के जलस्तर में लगातार वृद्धि और बढ़ते जल प्रवाह को देखते हुए भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने ब्यास नदी में नियंत्रित तरीके से 3,000 क्यूसिक तक अतिरिक्त पानी छोड़ने की चेतावनी जारी की है। पानी वीरवार रात या शुक्रवार सुबह तक छोड़ा जा सकता है। पानी छोड़े जाने के बादनिचले हिस्सों में जलस्तर दो से तीन मीटर तक बढ़ सकता है।

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जहां तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, वहीं मैदानी और मध्य पर्वतीय जिलों में बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया है। रोहतांग दर्रे में ताजा बर्फबारी ने जून माह में भी सर्दी का अहसास करा दिया है, जबकि रामपुर उपमंडल के नोगली और कुल्लू जिले के नित्थर क्षेत्र में भारी ओलावृष्टि हुई। ओलों की मार से फलों और सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। कुछ क्षेत्रों में तेज धूप निकलने से लोगों को उमस का सामना भी करना पड़ा। चंबा में तेज अंधड़ के साथ बारिश हुई। धर्मशाला, पालमपुर में भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई और अंधड़ चला।

 

आज कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में अंधड़-बारिश का अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने शुक्रवार को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों के लिए बारिश, तेज अंधड़ और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण 17 जून तक प्रदेश में मौसम खराब बना रह सकता है। एक ओर रोहतांग और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जहां ठंडक बढ़ी है, वहीं मैदानी क्षेत्रों में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है। ऊना सहित निचले क्षेत्रों में दिन के समय गर्म हवाओं और उमस ने लोगों को परेशान किया, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम सुहावना बना रहा।

कहां कितना अधिकतम पारा

स्थान तापमान

ऊना 44.0

नेरी 38.7

मंडी 37.2

कांगड़ा 37.0

सुंदरनगर 36.8

भुंतर 36.0

बरठीं 35.8

सोलन 34.0

धर्मशाला 34.0

नाहन 32.8

शिमला 28.0

मनाली 27.5

Related Posts

Next Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!