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शिमला: हिमाचल प्रदेश की लाखों सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. प्रदेश की सुक्खू सरकार ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि राज्य में पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) को पूरी तरह जारी रखा जाएगा और नई पेंशन स्कीम (एनपीएस) को लागू करने का कोई सवाल ही नहीं है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित वित्त विभाग की अहम बैठक में इस मुद्दे पर बड़ा फैसला लिया गया.
‘हिमाचल में जारी रहेगी OPS’
सरकार ने न केवल ओपीएस को लेकर अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए आउटसोर्स और पैरा वर्करों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल के संकेत दिए हैं. कर्मचारियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सरकार ने स्पष्ट किया कि इस निर्णय से प्रदेश के खजाने पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा. ऐसे में यह फैसला राज्य के कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत और सरकार के चुनावी वादों को पूरा करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.
प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया कि नई पेंशन स्कीम (एनपीएस) लागू नहीं की जाएगी. सरकार का कहना है कि ओपीएस को जारी रखना कांग्रेस की दस चुनावी गारंटियों में शामिल प्रमुख वादों में से एक था, जिसे पूरा करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बैठक में कहा कि कर्मचारियों के हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और ओपीएस को जारी रखने से राज्य पर किसी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा.
बैठक में आउटसोर्स कर्मचारियों और पैरा वर्करों के भविष्य को लेकर भी गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया. मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को निर्देश दिए कि इन कर्मचारियों के लिए एक व्यापक और व्यवहारिक नीति तैयार की जाए, जिससे उनकी सेवा शर्तों में सुधार हो सके और रोजगार संबंधी सुरक्षा को मजबूती मिले. प्रस्तावित नीति के तहत आउटसोर्स और पैरा वर्करों के हितों की रक्षा, सेवा शर्तों में सुधार और भविष्य को अधिक सुरक्षित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. सरकार का मानना है कि लंबे समय से विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे इन कर्मचारियों को बेहतर कार्य परिस्थितियां और स्पष्ट सेवा ढांचा उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है.
कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत
सरकार के इस फैसले को प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है. खासकर ओपीएस को लेकर लंबे समय से बनी हुई चर्चाओं के बीच सरकार की ओर से एनपीएस लागू नहीं करने की स्पष्ट घोषणा ने कर्मचारियों में भरोसा और संतोष का माहौल पैदा किया है. वहीं, आउटसोर्स और पैरा वर्करों के लिए नई नीति बनाने की पहल को भी कर्मचारी वर्ग के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.











