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जिला शिमला पुलिस की बेहतरीन तफ्तीश और अदालत में मजबूत पैरवी के चलते कानून का शिकंजा दो खतरनाक अपराधियों पर कस गया है। अदालतों ने दो अलग-अलग जघन्य मामलों में कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों को लंबी सजा देकर सलाखों के पीछे भेज दिया है। कोर्ट ने ढली में हुए एक हत्या के मामले में दोषी को आजीवन कारावास (उम्रकैद) और झाकड़ी में एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
ढली मर्डर केस
विशेष न्यायाधीश (शिमला) की अदालत ने वर्ष 2022 में ढली थाना क्षेत्र में दर्ज एक हत्या के मामले में अपना फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी रामेश्वर (40) निवासी गांव थूंड, डाकघर सतलाई, तहसील जुन्गा को हत्या और पीड़ित को चोटें पहुंचाने का दोषी करार दिया है। अदालत ने धारा 302 (हत्या) के तहत दोषी रामेश्वर को आजीवन कारावास और 25,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर 6 महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा, धारा 324 के तहत 2 वर्ष का कठोर कारावास और 10,000 रुपए जुर्माना लगाया गया है, जिसे न देने पर 3 महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। पुलिस ने इस मामले में वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर समयबद्ध जांच पूरी कर अदालत में चालान पेश किया था।
झाकड़ी पॉक्सो मामला
मासूम बच्चियों की सुरक्षा को लेकर भी शिमला पुलिस की मुस्तैदी रंग लाई है। फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (किन्नौर डिवीजन, रामपुर बुशहर) ने एक नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी किशोरी लाल (43) निवासी गांव झागोरी, तहसील रामपुर को दोषी ठहराते हुए पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास और 10,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को 2 महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। यह मामला थाना झाकड़ी में बीएनएस की धारा 65 और पोक्सो एक्ट के अंतर्गत दर्ज किया गया था।
अपराधियों के खिलाफ शिमला पुलिस की जीरो टॉलरैंस नीति: एसएसपी
इन फैसलों पर प्रतिक्रिया देते हुए एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर पुलिस जीरो टॉलरैंस की नीति पर सख्ती से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि अपराधियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस त्वरित, निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से सबूत जुटा रही है। एसएसपी ने आश्वस्त किया कि समाज के कमजोर और संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिमला पुलिस भविष्य में भी कानून-व्यवस्था बनाए रखेगी और अपराधियों के खिलाफ ऐसी ही कड़ी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।








