Himachal : हिमाचल में आफत की बारिश…5 और लोगों की मौत; 49 सड़कें बंद

Khabron wala 

हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ और गुरूवार शाम समाप्त हुए 24 घंटों में वर्षाजनित घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गयी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार बारिश से संबंधित अलग-अलग दुर्घटनाओं में शिमला और चंबा जिलों में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि मंडी जिले में एक व्यक्ति की जान जाने की सूचना है।

लकड़ी का एक अस्थायी पुल ढहा

एसईओसी के मुताबिक, लाहौल-स्पीति ज़िले के उदयपुर इलाके में पहाड़ी से पत्थरों के गिरने से मंडी जिला निवासी ज्ञान चंद नामक एक बस परिचालक की मौत हो गयी। अधिकारियों ने बताया कि चंबा ज़िले के भरमौर उपसंभाग में एक मंदिर के पास भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ से लकड़ी का एक अस्थायी पुल ढह गया, जिससे लगभग 30 तीर्थयात्री फंस गए। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), स्थानीय प्रशासन, एक पर्वतारोहण संस्थान और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने साथ मिलकर खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया। भरमौर के उप जिलाधिकारी विकास शर्मा ने मीडियाकर्मियों को बताया, ”मंदिर तक जाने वाला लकड़ी का अस्थायी पुल ढह गया है। बचाव दल घटनास्थल पर पहुंच गया है और फंसे हुए तीर्थयात्रियों के लिए जरूरी सामान भेजा गया है।” लगातार बारिश होने की वजह से किन्नौर जिले के रिस्पा में ‘चेरंग खड्ड’ (एक छोटी नदी) का जलस्तर बढ़ गया है। फलस्वरूप रिस्पा गांव तक जाने वाली एकमात्र सड़क बह गई है, जिससे गांव का संपर्क पूरी तरह कट गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले साल आई बाढ़ में चेरंग खड्ड पर बना लोहे का पुल बह गया था। प्रशासन ने आवाजाही के लिए एक अस्थायी सड़क बनाई थी, लेकिन वह मॉनसून की पहली बारिश का भी सामना नहीं कर पाई। जिले की भाभा घाटी में सुरचो खड्ड में पानी का बहाव अचानक बढ़ने से लकड़ी का एक और पुल बह गया।

49 सड़कें बंद

अधिकारियों ने गुरूवार को बताया कि पूरे राज्य में कुल 49 सड़कें बंद कर दी गईं। भूस्खलन के कारण चंबा-भरमौर सड़क भी बंद रही। एसईओसी के अनुसार, कुल्लू में 30, सिरमौर में आठ, चंबा में सात और लाहौल-स्पीति एवं ऊना जिलों में दो-दो सड़कें बंद हैं। एसईओसी ने बताया कि भारी बारिश की वजह से बिजली के 42 ट्रांसफ़ॉर्मर और जलापूर्ति की 27 योजनाएं भी प्रभावित हुईं।

अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने लाहौल-स्पीति जिले में शांति देवी नाम की बीमार महिला को उफनते जाहलमा नाले के पार सुरक्षित पहुंचाया जो छाती में गंभीर संक्रमण और सांस लेने में समस्या का सामाना कर रही थी। मंडी, कुल्लू और किन्नौर के ज़िला प्रशासन ने स्थानीय लोगों एवं पर्यटकों से अपील की है कि वे उफनती नदियों, नालों और भूस्खलन की आशंका वाले पहाड़ी इलाकों के पास जाने से बचें। शिमला मौसम केंद्र ने तीन जुलाई को छोड़कर, पांच जुलाई तक राज्य में कुछ जगहों पर मूसलाधार बारिश की आशंका से ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।

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