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शिमला पुलिस ने नशे के संगठित नैटवर्क को ध्वस्त करते हुए 3 बड़े अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज और फाइनांशियल ट्रेल की जांच कर पंजाब और हरियाणा तक फैले इस नैटवर्क का भंडाफोड़ किया है। स्पैशल सैल ने 3 अगस्त को शोघी के पास 1.120 किलो हाई-ग्रेड चिट्टे के साथ विजय कुमार को पकड़ा था। जांच में पता चला कि यह खेप पूर्व में गिरफ्तार हुए तरनतारन के शुभकरमण सिंह और अंबाला के आजाद सिंह के जरिए पहुंची थी। पुलिस की भनक लगते ही आजाद सिंह पासपोर्ट और टूरिस्ट वीजा बनाकर अबू धाबी भागने की फिराक में था। तकनीकी निगरानी से उसकी लोकेशन गुजरात ट्रेस की गई और गुजरात पुलिस के साथ ज्वाइंट ऑप्रेशन में उसे अहमदाबाद एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी जांच एजैंसियों से बचने के लिए सिग्नल एप का इस्तेमाल करते थे। विजय और आजाद दोनों का पूर्व में भी महिलाओं के खिलाफ आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। जुब्बल पुलिस ने एक ऐसे नैटवर्क को तोड़ा है जो एनडीपीएस एक्ट की सख्ती से बचने के लिए बेहद शातिर तरीका अपना रहा था। 15 जुलाई को पकड़े गए रविंद्र कुमार से पूछताछ में पता चला कि नैटवर्क के लोग एनएच-705 पर सनाभा, खड़ा पत्थर, सरस्वती नगर पर छोटी-छोटी मात्रा 4 से 5 ग्राम में चिट्टा छिपा देते थे। इसकी लोकेशन मुख्य सप्लायर को व्हाट्सएप पर भेजी जाती थी। पुलिस ने लोकेशन डाटा के आधार पर 13 अलग-अलग जगहों से कुल 24.10 ग्राम चिट्टा बरामद किया है।
इस पूरे मॉड्यूल को चलाने वाले मुख्य सप्लायर सन्नी सिंह को पुलिस ने अंबाला से गिरफ्तार कर लिया है। सन्नी पर पहले से ही हरियाणा, पंजाब और हिमाचल में चिट्टे के 7 मामले दर्ज हैं। सदर शिमला पुलिस ने दिसम्बर 2025 के एक पुराने मामले में फरार चल रहे मुख्य सरगना कर्ण निवासी अमृतसर पंजाब को 25 अगस्त को गिरफ्तार किया। पूर्व में पकड़े गए आरोपी सागर और अन्य की वित्तीय जांच में सामने आया कि सागर ने कर्ण के एचडीएफसी बैंक खाते में 3 लाख रुपए भेजे थे। इसी फाइनांशियल लिंक के आधार पर करण की पहचान हुई और लंबी तलाश के बाद उसे दबोच लिया गया।
एएसपी शिमला मेहर पंवर ने प्रैस वार्ता को संबोधित करते हुए इस मामले का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि शिमला पुलिस अब नशा तस्करों के खिलाफ केवल बरामदगी तक सीमित न रहकर उनके पूरे फाइनांशियल और सप्लाई नैटवर्क को जड़ से खत्म करने की रणनीति पर काम कर रही है।










