पांवटा साहिब के भूपपुर में उस वक्त सनसनी फैल गई जब एक 11 वर्षीय बच्चे के दाह संस्कार के दौरान पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अंतिम संस्कार रुकवाने का प्रयास किया। दरअसल पुलिस को सूचना मिली थी कि एक बच्चे को नजदीकी क्रेशर के ट्रैक्टर से एक्सीडेंट में कुचल दिया गया लेकिन उसे साधारण बीमारी का मामला बता कर संस्कार कर दिया गया।
पांवटा साहिब में बेहद दर्दनाक कहे या शर्मनाक मामला सामने आया है, एक 11 वर्षीय बच्चे की मौत ने सनसनी फैला दी है । बताया जा रहा है कि बच्चों की मौत ट्रैक्टर एक्सीडेंट में हुई थी लेकिन शहर के बाहुबली कहे या खनन माफिया उन्होंने इस पूरे एक्सीडेंट को बच्चों की बीमारी में तब्दील कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्चे का पोस्टमार्टम करने की बजाय लोगों के दबाव में आकर संस्कार होने दिया यानी अब बच्चे का ट्रैक्टर से एक्सीडेंट हुआ था या बीमारी से उसकी मृत्यु की पुष्टि नहीं हो पाएगी परंतु कैसे मामले सामने आए हैं जहां पर संस्कार होने के बावजूद और लाश ना मिलने के बावजूद भी आरोपियों को सजा हुई है ।
आपको बता दे कि तकरीबन 11 साल पहले ऐसा ही एक मामला सामने आया था जिसमें एक लड़की खेतों में लगाए गए करंट से मारी गई थी लेकिन उस वक्त एसपी के सिरमौर रोहित मालपानी ओर एएसपी विनोद धीमान ने पांवटा साहिब में डेरा डाल दिया था और उस पूरे मामले में बिना किसी कोताही के मृतक लड़की को इंसाफ दिलाया था। जिनके खेत में वह लड़की करंट से मरी थी उन्हें सलाखें देखनी पड़ी थी। साथ ही लड़की के मां-बाप को भी गिरफ्तार किया गया था लेकिन फिलहाल ऐसा लगता है कि चाहे इस 11 वर्षीय बच्चे की मौत ट्रैक्टर से कुचले जाने से हुई हो या बीमारी से कुछ पुलिस अधिकारियों के कारण यह कभी पता नहीं चल पाएगा।
वही फिलहाल एसपी सिरमौर को जैसे ही इस पूरे मामले की जानकारी मिली उन्होंने कई टीमों का गठन कर मौके पर भेजी है और बोला कि कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी अब वह क्या जानकारी निकाल कर लाएंगे कह पाना मुश्किल है लेकिन ऐसा लगता है कि एक बच्चे को शायद कभी इंसाफ न मिल पाए। एसडीएम पांवटा साहिब आईएएस ऑफिसर द्विज गोयल ने भी एक टीम मौके पर भेज दी है










