Khabron wala
भारतीय सेना की हरी वर्दी के प्रति जज्बा हो या फिर मातृभूमि के लिए खतरों से जूझने का जुनून। वीर भूमि पालमपुर के रणबांकुरों ने कभी पीठ नहीं दिखाई। बात चाहे सीमा की सुरक्षा की हो या आंतरिक खतरों की पालमपुर के वीर जवानों ने ऐसी वीरता की गाथाएं लिखी हैं जो इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित हो गई है। देश के प्रथम परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा, शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा, शहीद मेजर सुधीर वालिया, शहीद कैप्टन सौरभ कालिया, नायक राकेश कुमार, करमचंद कटोच सहित कई अन्य ने अपना सर्वोच्च बलिदान देश के लिए दिया। तो कई अन्य ऐसे रणबांकुरे हैं जिन्होंने सेना में अपनी सेवाएं देते हुए सर्वोच्च वीरता का परिचय दिया है व अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। इसी कड़ी में पालमपुर के समीपवर्ती उस्तेहड़ दयोग्रां के मेजर अमन धर हैं। जम्मू कश्मीर में आतंक विरोधी कार्रवाई में उन्होंने जिस वीरता का परिचय दिया उसके दृष्टिगत उन्हें सेना मेडल से अलंकृत किया गया है।











