सिविल अस्पताल में चार विधासभा क्षेत्र शिलाई, पांवटा साहिब, श्री रेणूका जी व नाहन के साथ पड़ोसी राज्य उत्तराखण्ड और हरियाणा से भी मरीज पंहुचते हैं
हैरानी का विषय यह है कि जिस बदहाल सिविल हॉस्पिटल में मरीजों का बीपी तक चेक करने के लिए मना कर देते हैं नर्सिंग स्टाफ तो बीपी ही गलत चेक कर देता है तथा गलत बता देता है यही नहीं बदतमीज डॉक्टर मरीज का बीपी बदतमीजी कर कर और बढ़ा देते हैं ऐसे बदहाल अस्पताल को प्रदेश में आखिर दूसरा स्थान कैसे मिल गया
जिस अस्पताल के बाहर इतने दिन धरना देने के बाद रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती हो सकी ऐसे अस्पताल मैं जहां मरीज का वजन करने तक की मशीन नहीं है और सीएमओ तथा बदतमीजी के लिए बदनाम एस एम ओ अमिताभ जैन को दर्जनों बार बोलने के बावजूद भी वजन करने की मशीन नहीं रखी जा सकती हो वहीं जहां पर इमरजेंसी में ईसीजी तक की सुविधा उपलब्ध ना हो ऐसे हस्पताल को आखिर क्या इनाम दिया जाए
नर्सिंग स्टाफ लोगों से बदतमीजी करने में पीछे नहीं है कमीशन खोर डॉक्टरों का तो कहना ही क्या है दवाई ब्लड टेस्ट अल्ट्रासाउंड सब में इनकी पत्ती फिक्स है लिफाफे लेकर दलाल इनके पास खुद पहुंच जाते हैं ऐसे में प्रदेश में दूसरा स्थान मिलना सिविल हस्पताल को लोगों को हजम नहीं हो रहा
सिविल अस्पताल पांवटा साहिब को हिमाचल प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल करने पर सरकार द्वारा 15 लाख रुपए बतौर ईनाम के तौर पर दिया गया 2019-20 में पांवटा सिविल अस्पताल का कायाकल्प की टीम ने निरिक्षण किया। कोविड महामारी के कारण इस उपलब्धि का समारोह नही मनाया जा सका, जिस कारण आज यह समारोह आयोजित किया गया। गर्भवती महिलाओं को आज तक महंगे अल्ट्रासाउंड बाहर करवाने पड़े वहीं आज लाखों रुपए एक कार्यक्रम पर और इनामों पर फूंक दिए गए