• About
  • Our Team
  • Advertise
  • Privacy Policy
  • Contact Us
Khabronwala
  • मुख्य ख़बरें
  • हिमाचल प्रदेश
    • ऊना
    • काँगड़ा
    • किन्नौर
    • कुल्लू
    • चम्बा
    • बिलासपुर
    • मंडी
    • लाहौल स्पिति
    • शिमला
    • सोलन
    • हमीरपुर
  • सिरमौर
  • राजनीती
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • देश
No Result
View All Result
Khabronwala
  • मुख्य ख़बरें
  • हिमाचल प्रदेश
    • ऊना
    • काँगड़ा
    • किन्नौर
    • कुल्लू
    • चम्बा
    • बिलासपुर
    • मंडी
    • लाहौल स्पिति
    • शिमला
    • सोलन
    • हमीरपुर
  • सिरमौर
  • राजनीती
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • देश
No Result
View All Result
Khabronwala
No Result
View All Result

विलुप्तप्राय चामुर्थी घोड़ों के संरक्षण में सफल रहे हिमाचल सरकार के प्रयास

JASVIR SINGH HANS by JASVIR SINGH HANS
5 years ago
in मुख्य ख़बरें
186
0
399
SHARES
2.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsappShare on Twitter

You may also likePosts

पांवटा साहिब: 20 साल युवक के पेट में घुस गया शीशा, परिवार को छोड़ गया बेसहारा

चंबा का निरीक्षण करने पहुंचेगे CM, आपदा प्रभावितों से करेंगे मुलाकात

हिमाचल में भारी बारिश होने की संभावना, इन जिलों में अलर्ट जारी, मुख्यमंत्री ने दिए ये निर्देश

मंडी-मनाली हाईवे पर भारी भूस्खलन, हनोगी के पास 100 मीटर ऊंचाई से गिरा मलबा..

अपने निरंतर प्रयासों और विपरीत परिस्थितियांे पर विजय हासिल करने के उपरांत प्रदेश सरकार चामुर्थी घोड़े की नस्ल के संरक्षण और पुनःस्थापन में सफल रही है। यह उन घोड़ों की नस्ल में से एक है, जिन पर कुछ साल पहले विलुप्त होने का खतरा मंडराया था।
बेहतर क्षमता और बल-कौशल के लिए विख्यात चामुर्थी नस्ल के घोड़े हिमाचल के ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों, मुख्य रूप से बर्फीली स्पीति घाटी में सिंधु घाटी (हड़प्पा) सभ्यता के समय से पाए जाते हैं।
यह नस्ल भारतीय घोड़ों की 6 प्रमुख नस्लों में से एक है, जो ताकत और अधिक ऊंचाई वाले बर्फ से आच्छांदित क्षेत्रों में अपने पांव जमाने की क्षमता के लिए प्रसिद्ध है। इन घोड़ों का उपयोग तिब्बत, लद्दाख और स्पीति के लोगों द्वारा युद्ध और सामान ढोने के लिए किया जाता रहा है। इसके अतिरिक्त, हिमाचल के कुल्लू, लाहौल-स्पीति और किन्नौर तथा पड़ोसी राज्यों में विभिन्न घरेलू और व्यावसायिक कार्यों के लिए व्यापक रूप से इनका उपयोग किया जाता रहा है।
पशुपालन विभाग ने इन बर्फानी घोड़ों को बचाने और संरक्षित करने तथा पुनः अस्तित्व में लाने के उद्देश्य से वर्ष 2002 में लारी (स्पीति) में एक घोड़ा प्रजनन केंद्र स्थापित किया। यह केंद्र स्पीति नदी से एक किलोमीटर की दूरी पर स्थापित किया गया है, जो राजसी गौरव और किसानों में समान रूप से लोकप्रिय घोड़ों की इस प्रतिभावान नस्ल के प्रजनन के लिए उपयोग किया जा रहा है।
वर्तमान में इस प्रजनन केंद्र को तीन अलग-अलग इकाइयों में विभाजित किया गया है, जिसमें प्रत्येक इकाई में 20 घोड़ों को रखने की क्षमता और चार घोड़ों की क्षमता वाला एक स्टैलियन शेड है। इस कंेद्र को 82 बीघा और 12 बिस्वा भूमि पर चलाया जा रहा है। विभाग द्वारा इस लुप्तप्राय प्रजाति के लिए स्थानीय गांव की भूमि का उपयोग चरागाह के रूप में भी किया जा रहा है।
पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर के मुताबिक, इस प्रजनन केंद्र की स्थापना और कई वर्षाें तक चलाए गए प्रजनन कार्यक्रमों के उपरांत इस शक्तिशाली विरासतीय नस्ल, जो कभी विलुप्त होने की कगार पर थी, की संख्या में निरंतर वृद्धि हुई है। वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में इनकी आबादी लगभग चार हजार हो गई है।
लारी फार्म में इस प्रजाति के संरक्षण के प्रयासों के लिए आवश्यक दवाओं, मशीनों और अन्य बुनियादी सुविधाओं के अलावा पशुपालन विभाग के लगभग 25 पशु चिकित्सक और सहायक कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस केंद्र में इस नस्ल के लगभग 67 घोड़ों को पाला जा रहा है, जिनमें 23 स्टैलियन और 44 ब्रूडमेयर्स दोनों युवा और वयस्क शामिल हैं। प्रत्येक वर्ष पैदा होने वाले अधिकांश घोड़ों को पशुपालन विभाग द्वारा नीलामी के माध्यम से स्थानीय खरीदारों को बेचा जाता है।
चार-पांच वर्ष की आयु के एक व्यसक घोड़े का औसत बाजार मूल्य वर्तमान में 30-40 हजार रुपये है। इन घोड़ों की सबसे अधिक लागत तीन वर्ष पूर्व 75 हजार रुपये दर्ज की गई थी।
जनसंख्या, जलवायु और चरागाह के आधार पर एक वर्ष में औसतन अधिकतम 15 मादाएं गर्भधारण करती हैं और गर्भाधान के 11-12 महीने बाद बच्चा जन्म लेता है, जबकि एक वर्ष की आयु तक उसे दूध पिलाया जाता है। प्रजनन भी पशु चिकित्सा विशेषज्ञों की निगरानी में करवाया जाता है।
जन्म के एक महीने के बाद घोड़े के बच्चे को पंजीकृत किया जाता है और छह महीने की आयु में उसे दूसरे शेड में स्थानांतरित कर दिया जाता है। एक वर्ष का होने पर ही इसे बेचा जाता है। इसके अतिरिक्त विभाग द्वारा वृद्ध अथवा अधिक संख्या होने पर चामुर्थी मादाओं को बेच दिया जाता है।
इसके अलावा, घोड़े की अन्य नस्लों की देख-रेख, पालन-पोषण और उनका प्राचीन महत्व पुनः स्थापित करने के लिए विभाग द्वारा इस केंद्र पर प्रति वर्ष लगभग 35 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
स्टैलियन घोड़ों के संरक्षण के मामले में हिमाचल प्रदेश का स्टैलियन चार्ट में अग्रणी स्थान है और निरन्तर गुणात्मक घोड़ों के उत्पादन में सफलता हासिल की है। प्रदेश की सफलता और चामुर्थी प्रजाति की लोकप्रियता का अंदाजा अंतरराष्ट्रीय लवी, लदारचा मेलों और समय-समय पर आयोजित होने वाली प्रदर्शनियों के दौरान प्राप्त किए गए विभिन्न पुरस्कारों से लगाया जा सकता है।
Share160SendTweet100
Previous Post

हिमाचल प्रदेश में नई पंचायतों के गठन के लिए मापदण्ड अनुमोदित

Next Post

संगड़ाह में फंदा लगाकर व्यक्ति ने दी जान

Related Posts

पावटा साहिब :  करंट लगने से 27 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत
मुख्य ख़बरें

पांवटा साहिब: 20 साल युवक के पेट में घुस गया शीशा, परिवार को छोड़ गया बेसहारा

26 minutes ago
एक जनवरी 2024 से सरकारी विभाग नहीं खरीदेंगे डीजल-पैट्रोल वाहन, मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश
मुख्य ख़बरें

चंबा का निरीक्षण करने पहुंचेगे CM, आपदा प्रभावितों से करेंगे मुलाकात

33 minutes ago
सावधान! हिमाचल में यह 3 दिन भारी बारिश, Yellow-Orange अलर्ट जारी
मुख्य ख़बरें

हिमाचल में भारी बारिश होने की संभावना, इन जिलों में अलर्ट जारी, मुख्यमंत्री ने दिए ये निर्देश

1 hour ago
मंडी-मनाली हाईवे पर भारी भूस्खलन, हनोगी के पास 100 मीटर ऊंचाई से गिरा मलबा..
मुख्य ख़बरें

मंडी-मनाली हाईवे पर भारी भूस्खलन, हनोगी के पास 100 मीटर ऊंचाई से गिरा मलबा..

2 hours ago
खनन माफिया पर टूटा कुदरत का प्रकाेप, टिप्पर-जेसीबी समेत खड्ड में फंसे 10 लाेग…
मुख्य ख़बरें

खनन माफिया पर टूटा कुदरत का प्रकाेप, टिप्पर-जेसीबी समेत खड्ड में फंसे 10 लाेग…

4 hours ago
पांवटा साहिब :  घर से गायब हुआ बच्चा खबर शेयर कर ढूंढने में करें मदद
मुख्य ख़बरें

पांवटा साहिब : घर से गायब हुआ बच्चा खबर शेयर कर ढूंढने में करें मदद

12 hours ago
सिरमौर मे 30 अगस्त को सभी शिक्षण संस्थान रहेंगे बंद,जिले में है कल बारिश का  अलर्ट
मुख्य ख़बरें

सिरमौर मे 30 अगस्त को सभी शिक्षण संस्थान रहेंगे बंद,जिले में है कल बारिश का अलर्ट

16 hours ago
सिरमौर में 500 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, चालक माै*त
मुख्य ख़बरें

सिरमौर में 500 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, चालक माै*त

16 hours ago
सिरमौर/पच्छाद की बेटी मनिका भारद्वाज का CHO पद पर चयन, छात्राओं के लिए बनी प्रेरणा
मुख्य ख़बरें

सिरमौर/पच्छाद की बेटी मनिका भारद्वाज का CHO पद पर चयन, छात्राओं के लिए बनी प्रेरणा

17 hours ago
Load More
Next Post
शिलाई : पैर फिसलने  से खाई में गिरा बच्चा , मौके पर तोड़ा दम

संगड़ाह में फंदा लगाकर व्यक्ति ने दी जान

पावटा साहिब से 4 सहित सिरमौर से 11 पॉजिटिव आए सामने

पावटा साहिब से 26 केस सहित सिरमौर से 27 नए कोरोना पॉजिटिव मिले , पढ़ें पूरी डिटेल

पांवटा साहिब : कांग्रेस भाजपा से नाराज नेता बनाएंगे तीसरा मोर्चा जल्द होगी घोषणा

पांवटा साहिब : कांग्रेस भाजपा से नाराज नेता बनाएंगे तीसरा मोर्चा जल्द होगी घोषणा

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ADVERTISEMENT
Facebook Twitter Youtube

© All Rights Reserved | Designed and Developed by App Development Company

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
error: Content is protected !!
No Result
View All Result
  • मुख्य ख़बरें
  • हिमाचल प्रदेश
    • ऊना
    • काँगड़ा
    • किन्नौर
    • कुल्लू
    • चम्बा
    • बिलासपुर
    • मंडी
    • लाहौल स्पिति
    • शिमला
    • सोलन
    • हमीरपुर
  • सिरमौर
  • राजनीती
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • देश

© All Rights Reserved | Designed and Developed by App Development Company