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हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बर्फबारी ने पूरी देवभूमि को थाम दिया है। हालांकि शनिवार को धूप खिली, लेकिन सड़कों पर जमी बर्फ की मोटी चादर ने संपर्क मार्ग काट दिए हैं। प्रदेश की स्थिति इस समय काफी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
1. थमा परिवहन, फंसे हजारों मुसाफिर
प्रदेश के यातायात तंत्र पर बर्फबारी ने ब्रेक लगा दिया है। फिलहाल हालात कुछ इस प्रकार हैं:
सड़कें: राज्य में लगभग 683 सड़कें पूरी तरह ठप हैं, जिनमें चार प्रमुख नेशनल हाईवे भी शामिल हैं। इसके चलते ऊपरी शिमला, लाहौल-स्पीति और किन्नौर जैसे जिलों का संपर्क देश के अन्य हिस्सों से टूट गया है।
बस सेवाएं: हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के करीब 780 रूट प्रभावित हुए हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में बर्फ के बीच 200 से अधिक बसें फंसी हुई हैं।
पर्यटक: मनाली और अन्य पर्यटन स्थलों पर हजारों सैलानी बर्फबारी के कारण फंसे हुए हैं। हालांकि, दिल्ली और चंडीगढ़ के लिए कुछ मुख्य बस सेवाएं बहाल कर दी गई हैं।
2. अंधेरे और प्यास के बीच कांपता प्रदेश
बर्फबारी ने केवल रास्तों को ही नहीं रोका, बल्कि बुनियादी सुविधाओं को भी गहरा झटका दिया है:
बिजली संकट: प्रदेश में 5,700 से ज्यादा ट्रांसफार्मर तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़े हैं, जिससे सैकड़ों गांव अंधेरे में डूबे हैं।
पेयजल: पानी की 100 से अधिक परियोजनाएं जाम हो जाने से लोगों को भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
कड़ाके की ठंड: शिमला, चंबा और कुल्लू सहित छह जिलों में तापमान शून्य से काफी नीचे चला गया है, जिससे हड्डियां गलाने वाली ठंड पड़ रही है।
3. रेस्क्यू ऑपरेशन और राहत की कोशिशें
प्रशासन फंसे हुए लोगों को निकालने की पूरी कोशिश कर रहा है। हाल ही में सराज के रघुपुर किले में फंसे 12 पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। हालांकि, भरमौर जैसे दुर्गम इलाकों में अभी भी कुछ लोग फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने के प्रयास जारी हैं।
4. मौसम का मिजाज: अभी राहत की उम्मीद कम
अगर आप हिमाचल जाने का मन बना रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है:
26 से 28 जनवरी: इस दौरान राज्य के मध्यम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दोबारा भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी दी गई है।
प्रभावित क्षेत्र: शिमला, मंडी, कांगड़ा और कुल्लू के ऊपरी इलाकों में मौसम फिर से बिगड़ने के आसार हैं।












