Khabron wala
कांग्रेस पार्टी एवं अन्य विपक्षी दलों द्वारा स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (SIR) का विरोध एवं विलाप समझ से परे है। भारतीय चुनाव आयोग द्वारा की जा रही SIR एक संवेधानिक प्रक्रिया है जो देश की आजादी के बाद सन 1952 से लगातार जारी है। देश में अभी तक करीब 10 बार SIR हो चुका है।
* आज शनिवार को गेयटी थिएटर, शिमला में स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न( SIR) पर आयोजित सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया।
* डॉ. सिकंदर कुमार, पूर्व मंत्री श्री सुरेश भारद्वाज, श्री संजीव कटवाल, श्री संजय सूद, श्रीमती रश्मि धर सूद, श्री पुरुषोत्तम गुलेरिया के अलावा भाजपा के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी व श्रेष्ठ कार्यकर्ता सम्मेलन में उपस्थित रहे।
* दरअसल, SIR का मुख्य उद्देश मतदाता सूची का शुद्धिकरण है। शुद्धिकरण के तहत बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता सूची को अपडेट करते हैँ। इस प्रक्रिया में डुप्लीकेट वोट, मृतक वोटर, निवास स्थान बदलने वाले वोटरों आदि की सही जानकारी प्राप्त कर मतदाता सूची को अपडेट किया जाता है।
* कुल मिलाकर SIR मतदाता सूची का एक गहन शुद्धिकरण है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने मतदान के संवेधानिक अधिकार से वंचित न रहे।
* मतदान का अधिकार केवल भारतीय नागरिक को ही होना चाहिए, किसी घुसपैठिये को यह अधिकार मिलना देश की स्वतंत्रता के लिए गंभीर खतरा है।
* खेद का विषय है कि अपने आप को देश की सबसे पुरानी पार्टी कहने वाली कांग्रेस पार्टी के नेता जो दिखावे के लिए तो संविधान की प्रति लिए घूमते हैँ, किन्तु संवेधानिक प्रक्रिया पर देश भर में भ्रम और अफवाह फैला रहे हैँ।
* भाजपा प्रदेश भर में SIR पर जिला और बूथ स्तर तक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करेगी।












