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हिमाचल प्रदेश में जारी भारी बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार सुबह जवाली विधानसभा क्षेत्र के कोटला क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश ने व्यापक तबाही मचाई। बल्लाह गांव की पहाड़ियों का एक विशाल हिस्सा भारी बारिश के चलते टूटकर नीचे आ गिरा, जिससे नीचे बसे रिहायशी इलाकों में भारी नुकसान हुआ है।
पहाड़ी से गिरे मलबे ने तोड़ दी घरों की दीवारें
बारिश के चलते अचानक हुए भूस्खलन में पहाड़ी से आया मलबा तेज़ गति से बहता हुआ पास के घरों में जा घुसा। मलबे की रफ्तार इतनी अधिक थी कि उसने घरों की दीवारें तक तोड़ दीं और घर के भीतर रखा पूरा सामान उसमें दब गया। घरेलू वस्तुएं, फर्नीचर, जरूरी दस्तावेज़ और राशन सबकुछ मलबे के नीचे आ गया।
गनीमत यह रही कि यह हादसा सुबह के समय हुआ, जब लोग जाग चुके थे। यदि यह घटना रात को होती, जब अधिकतर लोग अपने घरों में सो रहे होते, तो जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था। जैसे ही घटना हुई, प्रभावित परिवारों ने फौरन अपने घर खाली कर दिए और आसपास के सुरक्षित स्थानों या रिश्तेदारों के घरों में शरण ली।
केवल घर ही नहीं क्षेत्र की प्रमुख सड़कें भी इस बारिश की चपेट में आ गई हैं। पठानकोट-मंडी फोरलेन जो कोटला क्षेत्र से होकर गुजरती है बीच से फट गई और वहां जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई है। सड़क पर आवाजाही पूरी तरह से ठप हो चुकी है, जिससे आमजन और यातायात दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
घटना की जानकारी मिलते ही कोटला पंचायत प्रधान ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रशासन से तुरंत राहत और पुनर्वास कार्य शुरू करने की मांग की। उन्होंने आग्रह किया है कि प्रभावित परिवारों को तुरंत आर्थिक सहायता दी जाए ताकि वे अपने घरों की मरम्मत कर सकें और सामान्य जीवन फिर से शुरू कर सकें।
कल भी भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रदेश में अगले 24 घंटों के दौरान फिर से भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। विशेषकर कांगड़ा, मंडी, चंबा और शिमला जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जोखिम भरे क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
हिमाचल प्रदेश इस मानसून सीज़न में प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहा है। जगह-जगह भूस्खलन, सड़क धंसाव, जलभराव और मकानों को नुकसान जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में अब तक करोड़ों रुपये की संपत्ति को नुकसान हो चुका है, और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है।
प्रशासन की ओर से राहत कार्य जारी हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश के चलते बचाव और मरम्मत कार्यों में कठिनाई आ रही है। फिलहाल, राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे मौसम की गंभीरता को देखते हुए सतर्कता बरतें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।