माजरा निवासी अमृत अग्रवाल (36)को स्वाइन फ्लू हुआ है उनका स्वाइन फ्लू का टेस्ट पॉजिटिव आया है 26 जनवरी को अमृत अग्रवाल को पोंटा साहिब के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां से उन्हें 30 जनवरी को देहरादून के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां पर स्वाइन फ्लू की पुष्टि की गई
तथा मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए पीजीआई रेफर कर दिया गया आज 2 फरवरी को अमृत अग्रवाल को चंडीगढ़ के पीजीआई हॉस्पिटल में भर्ती कराया जाएगा पोंटा साहिब सिविल हॉस्पिटल के SMO डॉक्टर सहगल का कहना है कि अभी तक उनकी जानकारी में कोई मामला नहीं आया है तथा ना ही मरीज को सिविल हॉस्पिटल में लाया गया था फिर भी वह इस मामले की जांच करवाएंगे
गौरतलब है कि प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में साल के पहले माह में 139 मामले सामने आए है। जिनमें 44 मरीजों में स्वाइन फ्लू के लक्षण पॉजिटिव पाए गए हैं जबकि अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। हैरान करने वाली बात यह है कि मरने वालों में से चार से लेकर 65 साल तक आयु के लोग शामिल है। ताजा मामले के तहत अस्पताल में 12 मरीजों का उपचार चल रहा है। जोकि प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए हैं। जिनमें शिमला,सोलन,बिलासपुर, कुल्लू ,हमीरपुर, और मंडी जिला से आए मरीजों में स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए गए हैं । जिनका उपचार IGMC के आइसोलेशन वार्ड में उपचार चल रहा है। डॉक्टर स्वाइन फ्लू के मरीजों के साथ-साथ तीमारदारों को भी टेमीफ्लू की दवा दे रहे हैं।
प्रदेश में लोगों को वायरस के प्रति सचेत किया जा रहा है और लक्षण देखते ही तुरंत चिकित्सकों की सलाह लेने का आग्रह किया है। स्वाइन फ्लू संक्रामक H1,N1 एक वायरस है जिसका संक्रमण एक से दूसरे व्यक्ति को फैलता है। ऐसे में यदि इसका इलाज समय पर नहीं मिलता है तो मरीज की मौत भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि जैसे ही किसी भी व्यक्ति को इस तरह के लक्षण दिखाई दे तो वह तुरंत नजदीकी अस्पताल में जाकर डॉक्टर की सलाह जरूर लें।