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पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राज्य में एक बार मानसून ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। रविवार के अलावा सोमवार व मंगलवार को भी रैड अलर्ट घोषित किया गया है। रविवार को रैड अलर्ट के बीच प्रदेश में झमाझम बारिश हुई। बारिश के कारण मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का कुल्लू-मनाली का दौरा भी रद्द हो गया है। उन्होंने शिमला से ही प्रभावित क्षेत्रों का फीडबैक लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। रविवार को रैड अलर्ट के बीच में राजधानी शिमला में 32, सुंदरनगर में 20, भुंतर में 10, ऊना में 20.4, नाहन में 52.4, सोलन में 51.2, कांगड़ा में 13, मंडी में 16, जुब्बड़हट्टी में 42, कुफरी में 24.5, नारकंडा में 20 मिलीमीटर वर्षा हुई, जबकि शनिवार रात्रि को मलरांव में 9, नयनादेवी में 8, आरएल बीबीएमबी में 8, चुवाड़ी में 7, कुमारसैन में 6, जोगिंद्रनगर में 6, कांगड़ा में 5, नालागढ़ में 4, ऊना में 4 मिलीमीटर वर्षा हुई। शिमला, सुंदरनगर, कांगड़ा, जोत व मुरारी देवी में मेघ गर्जन भी हुई।
मौसम विभाग की मानें तो सोमवार व मंगलवार को दो दिनों के लिए भारी बारिश का रैड अलर्ट जारी किया गया है। सोमवार को ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी व सिरमौर जिलों में भारी बारिश का रैड अलर्ट, चम्बा, कुल्लू, शिमला, किन्नौर व लाहौल-स्पीति में ऑरैंज अलर्ट, सोलन जिला में यैलो अलर्ट रहेगा। मंगलवार को मंडी, चम्बा, कुल्लू व कांगड़ा में रैड अलर्ट, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सिरमौर, शिमला, किन्नौर व लाहौल-स्पीति में ऑरैंज अलर्ट, सोलन में यैलो अलर्ट, बुधवार को शिमला और सिरमौर जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा का यैलो अलर्ट जारी किया गया है। 4 सितम्बर से किसी भी प्रकार का कोई अलर्ट नहीं रहेगा।
राज्य में मानूसन की लगातार हो रही बारिश व भूस्खलन से हालत बिगड़ते जा रहे हैं। चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर रविवार को एक एम्बुलैंस दवाडा के पास 30 फुट गहरी खाई में गिरकर पलट गई। हादसे में चालक बाल-बाल बच गया। शिमला के विकासनगर में भी भूस्खलन से गाड़ियां दब गईं। चम्बा-भरमौर मार्ग पर लगातार हो रहे भूस्खलन और खराब मौसम के कारण मणिमहेश यात्रा पहले ही स्थगित है।
एनडीआरएफ की टीमें फंसे श्रद्धालुओं को रैस्क्यू कर रही हैं और रविवार को करीब 850 श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। आनी और कुल्लू के बीच भूस्खलन से एन.एच. 305 बाधित है, जिससे आनी क्षेत्र का जिला मुख्यालय से संपर्क कटा हुआ है। मंडी, कुल्लू व चम्बा में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिसमें मकान व गाड़ियां दब गई हैं।
कुल्लू, शिमला, ऊना व सोलन में 100 फीसदी से अधिक बारिश
अगस्त माह की बात करें तो इस माह सामान्य 256.8 मिलीमीटर वर्षा होती है, जिसकी एवज में इस बार 440.8 मिलीमीटर वर्षा हुई है। यानी 72 फीसदी अधिक मेघ बरसे हैं। इसमें सबसे अधिक जिला कुल्लू में 162 फीसदी अधिक वर्षा हुई है, जबकि शिमला में 126, ऊना में 121, सोलन में 118, चम्बा में 104, बिलासपुर में 89, हमीरपुर में 55, कांगड़ा में 29, किन्नौर में 81, लाहौल-स्पीति में 26, मंडी में 72, सिरमौर में 38 फीसदी अधिक मेघ बरसे हैं।