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मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विपक्षी दल भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017-2022 की भाजपा सरकार ने प्रदेश की संपदा को लुटाया है। जब कांग्रेस सरकार सत्ता में आई तो उस समय भाजपा 76,633 करोड़ रुपए का कर्ज छोड़कर गई थी। भाजपा ने प्रदेश की संपदा को बहुत नुक्सान पहुंचाया है। ऊना में डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री, कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा, गगरेट के विधायक राकेश कालिया, कांग्रेस नेता सतपाल रायजादा व जिला कांग्रेस अध्यक्ष देसराज गौतम व अन्य के साथ पत्रकार वार्ता में सीएम ने कहा कि भाजपा को आरजीडी के रूप में 60,000 करोड़ रुपए मिले थे और एक अलग किस्त लोन की मिली थी। इसके विपरीत कांग्रेस सरकार को आरजीडी के रूप में केवल 17,000 करोड़ रुपए मिले। जीएसटी कंपनसेशन में कुछ नहीं मिला। 17,000 करोड़ में हम 40 महीनों से इस प्रदेश की सरकार को अच्छे तरीके से चला रहे हैं। भाजपा 5 साल में 60,000 करोड़ रुपए मिलने के बाद भी जनता के पैसे को लुटा रहे थे। सीएम ने सवाल किया कि जिस सरकार के पास 60,000 करोड़ रुपए ज्यादा था, उसने सरकारी कर्मचारियों को एरियर क्यों नहीं दिए?
कर्ज चुकाने के लिए लेना पड़ रहा कर्ज
प्रदेश में 1,000 करोड़ रुपए के भवन खाली पड़े हैं। जब भाजपा ने सत्ता संभाली उस समय 48,000 करोड़ रुपए का प्रदेश पर लोन था। यदि भाजपा चाहती तो 60,000 करोड़ रुपए में से 48,000 करोड़ रुपए वापस करके हिमाचल को कर्ज मुक्त कर सकते थे। चाहे स्कूलों की बात हो, अस्पतालों की बात हो, इसकी दयनीय हालत में कांग्रेस ने सुधार किया। सीएम ने कहा कि हम अर्थव्यवस्था में व्यापक सुधार करके आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेश का कर्जा 1 लाख करोड़ रुपए से ऊपर हो गया है। कांग्रेस ने 3 साल में 35,542 करोड़ रुपए का ऋण लिया। कर्ज को पे करने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है। कांग्रेस ने इन 3 वर्षों में कर्जे की रि-पेमैंट 10,325 करोड़ रुपए, जबकि 15,931 करोड़ रुपए ब्याज का पे किया। कुल 35,000 में से 26,256 करोड़ रुपए लोन की रि-पेमैंट और ब्याज का पे किया।
सीएम ने कहा कि 2023-24 में कुल्लू में बाढ़ आई और भारी नुक्सान हुआ और 75,000 टूरिस्ट वहां फंसे रहे। इस दौरान भाजपा विस का सैशन बुलाने की बात कर रही थी, जबकि उस समय सभी पुलिस कर्मचारी व अधिकारी आपदा से निपटने में लगे थे। इस दौरान भाजपा ने सैशन बुलाकर आपदा पर चर्चा की और कहा कि भारत सरकार से स्पैशल ग्रांट मांगते हैं लेकिन भाजपाई उनके साथ नहीं गए। इसके बावजूद आपदा प्रभावित परिवारों को 7 लाख रुपए दिए। 23,000 घर इस दौरान प्रभावित हुए थे। आपदा प्रभावितों के लिए नियम व कानून भी बदले गए हैं। इसके बाद भी प्रदेश में आपदाएं आईं और प्रभावितों को कांग्रेस सरकार ने राहत पहुंचाई। क्या कभी भाजपा ने संसद में आपदा का सवाल उठाया है? क्या कभी संसद में यह पूछा कि आरजीडी क्यों बंद की गई?
मोदी के पास जाने की हिम्मत नहीं करते भाजपा नेता
सीएम ने कहा कि भाजपा इस बात का जवाब दे कि वह हिमाचल विरोधी क्यों है। भाजपाई झूठ बेचकर राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं। भाजपा गुटों में बंटी है। दिल्ली में भाजपा के कोई भी नेता इकट्ठे प्रधानमंत्री से नहीं मिलते हैं। जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रदेश में आए तो 1,500 करोड़ रुपए देने की बात की। हम इंतजार करते रहे कि यह पैसा मिले लेकिन प्रदेश के भाजपा नेता मोदी के पास जाने की हिम्मत नहीं करते, जबकि कांग्रेसी नेता हिमाचल हितों की हाईकमान से जमकर वकालत करते थे। उन्होंने कहा कि भाजपा ऐसी पार्टी है जो केवल कुर्सी हथियाना चाहती है। सोशल मीडिया द्वारा सत्ता में आने के सपने देख रही है और सोशल मीडिया में यह दुष्प्रचार किया जा रहा है। हमने भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे बंद किए हैं। सीएम ने कहा कि 2026 से 2031 तक इस प्रदेश को 5 साल के लिए 50,000 करोड़ रुपए मिलने वाले थे, लेकिन भाजपा ने इसे भी रुकवा दिया। सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को 7 प्रतिशत डीए भी दिया और 70 साल से ऊपर वालों का भी दे दिया, जबकि क्लास-4 का एरियर भी दे दिया।
शिक्षा के मामले में 5वें स्थान पर पहुंचा प्रदेश
सीएम ने कहा कि भाजपा ने चुनावों से पहले करीब 5,000 करोड़ रुपए की चुनाव जीतने के लिए रेवड़ियां बांट दीं, जिसने जो मांगा उसमें नोटिफिकेशन होती गई। यदि किसी ने सीनियर सैकेंडरी या हाई स्कूल मांगा तो उसे दे दिया गया। वहां टीचरों की नियुक्तियां नहीं की गईं। ऐसे करीब 650 शिक्षा संस्थान खोल दिए गए। सीएम ने कहा कि मैंने और मुकेश ने करीब एक महीने तक शिक्षा का भी स्टडी किया और पाया कि क्या हमें ये 650 शिक्षा संस्थान खोलने चाहिए। भाजपा के समय जो बच्चे स्कूलों में पढ़ते थे वे आम परिवार के थे, वहां गुणवत्ता के स्तर में 21वें स्थान पर पहुंच गए थे। इसका अर्थ था कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले साढ़े 6 लाख बच्चों को अभिभावक स्कूल तो भेज रहे थे लेकिन कोई क्वालिटी एजुकेशन नहीं दी जा रही थी। कांग्रेस सरकार आने के बाद फैसला लिया गया कि सरकारी स्कूल खोलने की बजाय क्वालिटी पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि जब 2021 में हम 21वें स्थान पर थे और अब 40 महीने की कांग्रेस सरकार में आज 5वें स्थान पर देश में पहचाने जाते हैं।
भाजपा ने बद्दी में 5,000 बीघा जमीन कस्टमाइज पैकेज के नाम पर 1 रुपए स्क्वेयर मीटर के हिसाब से 1 करोड़ रुपए में दे दी। यदि किसी को अपने प्लॉट की रजिस्ट्री करवानी हो तो पुरुष को 8 प्रतिशत और यदि महिला ने करवानी है तो 6 प्रतिशत फीस, लेकिन बड़े उद्योगपतियों की रजिस्ट्री फीस भी माफ कर दी। बद्दी में 35 प्रतिशत एशिया का फार्मास्यूटिकल का हब है। वहां से हमें जीएसटी नहीं आता है। हमने एक होटल से 400 करोड़ रुपए लिया, जेएसडब्ल्यू से हर वर्ष 150 करोड़ रुपए की पावर आ रही है।
मेडिकल कॉलेजों में लगाईं एमआरआई मशीनें
सीएम ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार किया जा रहा है। अब प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में एमआरआई मशीनें लगाई गई हैं। आज एमआरआई मशीन वह लगी है जो एम्स दिल्ली में लगी है। सभी अस्पतालों में एक्स-रे व अल्ट्रासाऊंड की मशीनें बदलने जा रहे हैं।
1 लाख परिवारों को दी जाएगी 300 यूनिट फ्री बिजली
सुक्खू ने कहा कि 1 लाख परिवारों को 300 यूनिट बिजली फ्री दी जाएगी। अति निर्धन 1 लाख परिवारों को 1,500 रुपए दिए जाएंगे। जो 20-20 वर्षों से आईआरडीपी व बीपीएल परिवारों में हैं लेकिन अभी तक उनका पक्का मकान नहीं बना है, उन्हें इंश्योरैंस फ्री दी जा रही है।












