ADVERTISEMENT

फेसबुक की राजनीति से बाहर निकलें विक्रमादित्य, वरना जनता देगी करारा जवाब : बिक्रम ठाकुर

Khabron wala

पूर्व मंत्री एवं जसवां-परागपुर से विधायक बिक्रम ठाकुर ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि आजकल वह फेसबुक और बयानबाजी की राजनीति कर खुद को बड़ा नेता साबित करने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री जैसे वरिष्ठ नेताओं पर कीचड़ उछालकर कोई भी व्यक्ति बड़ा नहीं बन सकता, बल्कि इससे उनकी अपनी राजनीतिक कमजोरी और हताशा ही उजागर होती है।

बिक्रम ठाकुर ने तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि अपनी ही सरकार और पार्टी में हाशिए पर जा चुके विक्रमादित्य सिंह अब सुर्खियों में बने रहने के लिए अमर्यादित बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि “दिल्ली दरबार में नंबर बनाने और हाईकमान की गुड बुक में आने की लालसा में वह हिमाचल की राजनीतिक संस्कृति को तार-तार कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश की जागरूक जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका जवाब भी देगी।” उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि बीते साढ़े तीन वर्षों में लोक निर्माण विभाग पूरी तरह फेल साबित हुआ है। प्रदेश की सड़कों की हालत बद से बदतर हो चुकी है, आपदा प्रभावित क्षेत्रों में आज तक मलबा नहीं हट पाया है और टेंडर प्रक्रिया भ्रष्टाचार का पर्याय बन चुकी है। जहां विकास की जरूरत थी, वहां लूट का खेल चल रहा है।

बिक्रम ठाकुर ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस के ही चार विधायकों ने विक्रमादित्य सिंह की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाकर उनकी कार्यक्षमता की पोल खोल दी, लेकिन जवाब देने के बजाय मंत्री सदन में चुप्पी साधे बैठे रहे। यह पहली बार है जब कोई मंत्री सदन के सवालों का जवाब देने से बचता हुआ चेंबर में बुलाने की बात करता है, इससे बड़ा लोकतंत्र का अपमान क्या हो सकता है? उन्होंने आगे कहा कि ठेकेदारों को भुगतान नहीं हो रहा, सरकारी भवनों का काम ठप पड़ा है, अस्पतालों में ताले लग रहे हैं और विभागीय अव्यवस्था चरम पर है। लोक निर्माण विभाग आज भ्रष्टाचार, बदइंतजामी और अक्षमता का केंद्र बन चुका है।

उन्होंने दो टूक कहा कि हिमाचल में जो भी विकास कार्य हो रहे हैं, वह केंद्र सरकार के सहयोग से ही संभव हो पाए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन नेताओं ने हमेशा हिमाचल के विकास को प्राथमिकता दी, उन्हीं के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करना विक्रमादित्य सिंह की ओच्छी राजनीति को दर्शाता है।

Related Posts

Next Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!