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मंडी जिले के सुंदरनगर में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. भोजपुर बाजार में चाय की दुकान चलाने वाले एक छोटे दुकानदार की जीवन भर की कमाई पर ठगों ने सेंध लगा दी. पीड़ित के बैंक खाते से बिना किसी ओटीपी (OTP) या गोपनीय जानकारी साझा किए बगैर 1.35 लाख रुपये निकाल लिए गए. इस घटना से हर कोई हैरान है क्योंकि आमतौर पर ठगी के लिए ओटीपी की आवश्यकता होती है. पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
भोजपुर बाजार में चाय की दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करने वाले हनुमंत पवार के साथ यह साइबर ठगी हुई. पीड़ित के अनुसार, “बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 1 लाख 35 हजार रुपये निकाल लिए गए. जब खाते से पैसे कटने की जानकारी मिली, तो मैं बैंक पहुंचा. जहां खाते में सिर्फ 18 रुपये बचे थे. यह देखकर मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई.”
हनुमंत पवार ने बताया कि न तो उसके मोबाइल पर कोई ओटीपी आया और न ही उसने किसी अनजान व्यक्ति को अपनी बैंक डिटेल, पिन या पासवर्ड साझा किया. इसके बावजूद उसके खाते से लगातार ट्रांजैक्शन होते रहे. यह मामला साइबर ठगों के नए और खतरनाक तरीकों की ओर इशारा करता है, जिससे आम लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं. पीड़ित के अनुसार, यह रकम उसने दिन-रात मेहनत कर चाय बेचकर जोड़ी थी. महंगाई के दौर में इतनी बड़ी राशि का यूं चले जाना उसके लिए किसी सदमे से कम नहीं है. पीड़ित ने प्रशासन और पुलिस से अपील की है कि उसकी मेहनत की कमाई वापस दिलाई जाए और दोषियों को कड़ी सजा मिले.
मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी सुंदरनगर भारत भूषण ने बताया, “पीड़ित की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है. साइबर सेल की मदद से बैंक ट्रांजैक्शन डिटेल्स और तकनीकी साक्ष्य खंगाले जा रहे हैं.” पुलिस का कहना है कि जल्द ही ठगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है.
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, लिंक या मैसेज के झांसे में न आएं. बैंक से जुड़ी कोई भी जानकारी किसी के साथ साझा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत बैंक और पुलिस को सूचित करें.












