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हिमाचल की बहू ने रचा इतिहास, राष्ट्रीय मंच पर लगातार दूसरी बार जीत लाई गोल्ड मेडल

Khabron wala 

हिमाचल प्रदेश की पहचान अब सिर्फ उसकी बेटियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि पहाड़ की बहुएं भी अपनी प्रतिभा और जज़्बे से नए इतिहास रच रही हैं। जिस तरह हिमाचल की बेटियां देश.विदेश में नाम रोशन कर रही हैं, उसी कड़ी में अब हिमाचल की बहुएं भी प्रदेश का परचम राष्ट्रीय मंच पर लहरा रही हैं। ऐसी ही एक हिमाचली बहू ने अपनी काबिलियत के दम पर गोल्ड मेडल जीतकर न सिर्फ हिमाचल, बल्कि दो राज्यों का मान बढ़ाया है और यह साबित कर दिया है कि पहाड़ की बहुएं भी किसी से कम नहीं हैं।

हिमाचल प्रदेश की बहू ने एक बार फिर राष्ट्रीय खेल मंच पर प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है। मेहनत, अनुशासन और जज़्बे की मिसाल बन चुकीं तखेल्लमबम इनुंगानबी ने यह साबित कर दिया कि जब हौसले बुलंद हों तो सीमाएं मायने नहीं रखतीं। मणिपुर की बेटी और हिमाचल की बहु इनुंगानबी ने लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय स्वर्ण पदक जीतकर न सिर्फ इतिहास रचा, बल्कि हिमाचल की बहू बनकर प्रदेश को गौरवान्वित भी किया है।

मणिपुर की राजधानी इंफाल में आयोजित सीनियर नेशनल जूडो चैंपियनशिप में तखेल्लमबम इनुंगानबी ने 70 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह उनका लगातार दूसरा राष्ट्रीय गोल्ड है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ वह लगातार दो बार राष्ट्रीय स्वर्ण जीतने वाली हिमाचल से जुड़ी पहली महिला जूडो खिलाड़ी बन गई हैं। उनकी इस सफलता ने खेल जगत में नई मिसाल कायम की है और यह संदेश दिया है कि हिमाचल की बहुएं भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने में पीछे नहीं हैं।

यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता इंफाल के खुमन लंपाक इंडोर स्टेडियम में आयोजित हुई, जहां देशभर से शीर्ष महिला जूडो खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। शुरुआत से ही इनुंगानबी का आत्मविश्वास, तकनीकी मजबूती और रणनीति अन्य खिलाड़ियों से अलग नजर आई। पहले मुकाबले में उन्हें बाय मिला। इसके बाद उन्होंने उत्तराखंड की खिलाड़ी को हराकर जीत का आगाज़ किया। तीसरे मुकाबले में केरल की खिलाड़ी को मात देकर उन्होंने अपनी मजबूत दावेदारी पेश की।

क्वार्टर से फाइनल तक शानदार सफर

क्वार्टर फाइनल में इनुंगानबी ने पंजाब की खिलाड़ी को पराजित कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। सेमीफाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जहां उनका सामना मेज़बान मणिपुर की खिलाड़ी से हुआ। दबाव भरे इस मुकाबले में उन्होंने संयम और अनुभव का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए फाइनल का टिकट हासिल किया। फाइनल मुकाबले में उनका सामना आईटीबीपी की खिलाड़ी से हुआ। निर्णायक मुकाबले में इनुंगानबी ने शुरू से ही आक्रामक खेल दिखाया और अंतिम पलों में शानदार अंकों के साथ मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमा लिया।

इनुंगानबी मूल रूप से मणिपुर की रहने वाली हैं, लेकिन उनकी शादी हिमाचल के ओलंपियन बॉक्सर आशीष कुमार चौधरी से हुई है। जिसके चलते अब वह हिमाचल की बहु बन गई है। शादी के बाद उनका नाम और पहचान हिमाचल प्रदेश से जुड़ गई है। उनकी इस ऐतिहासिक जीत को अब हिमाचल की बेटी ने रचा इतिहासश् के रूप में देखा जा रहा है। यह सफलता प्रदेश की युवा बेटियों के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है।

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