हरियाणा के भाजपा अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली और सिंगर रॉकी मित्तल को कथित दुष्कर्म केस में कसौली कोर्ट ने राहत दी है। कोर्ट ने दुष्कर्म मामले की पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है और पीड़िता के केस रि-ओपन करने के याचिका को रद्द कर दिया। सबूत के अभाव से न्यायालय ने वीरवार को यह फैसला सुनाया। इसमें न्यायाधीश ने पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को सही मानते हुए केस को बंद कर दिया।
हालांकि, अब पीड़िता दोबारा से अपील कर सकती है। इससे पहले मामले में 31 दिसंबर 2025 को बहस हुई थी। दोनों पक्षों के वकीलों ने इसमें अपनी-अपनी बहस की। वहीं न्यायाधीश ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस पर वीरवार को न्यायालय ने फैसला पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट के पक्ष में दे दिया।
कसौली पुलिस ने दो माह से अधिक समय तक इस केस की जांच की थी लेकिन सबूत नहीं मिले। पीड़िता ने अपना मेडिकल करवाने से भी इनकार कर दिया था। पुराना मामला होने के कारण पुलिस को केस में न तो सीसीटीवी फुटेज मिल पाई और न ही कोई ठोस सबूत। कसौली कोर्ट इस केस में पहले भी 12 मार्च 2025 को पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर चुकी है, लेकिन तब पीड़िता ने सोलन की जिला अदालत में रिवीजन पिटीशन डालकर चुनौती दी थी। जिला अदालत के आदेशों पर कसौली कोर्ट ने दोबारा क्लोजर रिपोर्ट पर सुनवाई की।
बड़ौली और रॉकी मित्तल के खिलाफ पीड़िता ने 13 दिसंबर 2024 को कसौली पुलिस थाने में गैंगरेप का मामला दर्ज करवाया था। हालांकि, इसकी जानकारी 14 जनवरी 2025 को सामने आई। पीड़िता के अनुसार उसके साथ गैंगरेप 23 जुलाई 2024 को किया गया था। पीड़िता ने बताया था कि वह दोस्तों के साथ कसौली घूमने आई थी, इसी दौरान होटल में बड़ौली और रॉकी ने उसे जबरन शराब पिलाई और सहेली के सामने ही गैंगरेप किया। इसके बाद मारने की धमकी दी। फिर पंचकूला में बुलाकर झूठे केस में फंसाने की भी कोशिश की।









