भाजपा समर्थित प्रस्तावित नगर परिषद के उपाध्यक्ष पद को मीनू गुप्ता ने ठुकरा दिया हैं। जिसके बाद अब भाजपा समर्थित नगर परिषद पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं।
उपाध्यक्ष पद लेने को लेकर मीनू गुप्ता ने पत्रकारों के समक्ष खंडन करते हुए कहा कि उन्हें लंच के बहाने बुलाया गया था औऱ बिना उनकी स्वीकृति के उपाध्यक्ष पद देने और भाजपा में शामिल होने की बात कही गयी।
बता दें कि आज मंगलवार को ही ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने नगर परिषद पांवटा में भाजपा समर्थित निर्मल कौर को अध्यक्ष व मीनू गुप्ता को उपाध्यक्ष घोषित किया गया था।
बता दें कि तीन निर्दलीय प्रत्याशियों में जीतकर आई वार्ड नं 9 से मीनू गुप्ता को आज ही भाजपा में शामिल होने की बात कही गयी थी।
बता दें कि नगर परिषद पांवटा के चुनाव परिणामों बाद सबकी नजरें नगर परिषद गठन के साथ अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद की और थी। जिसकी ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने घोषणा तो कर दी, लेकिन शाम होते ही समीकरण बदल गए।
याद रहे कि भाजपा समर्थक विजयी पार्षदों में वार्ड नं 1 से पार्षद निर्मल कौर , वार्ड नं 2 से दीप सिंह, वार्ड नं 3 से राजरानी सैनी, वार्ड नं 4 से दीपा शर्मा, वार्ड नं 9 से मीनू गुप्ता, वार्ड नं 12 से ममता देवी, वार्ड नं 13 से सीमा देवी आदि भाजपा की बैठक में मौजूद रहीं। इसके अलावा पांवटा भाजपा मंडल अध्यक्ष अरविंद गुप्ता, वरिष्ठ नेता नरेश खापडा भी शामिल थे।
बता दें कि भाजपा सर्वाधिक सीटों के साथ सामने आई हैं। इसलिए भाजपा समर्थित वार्ड नं 1 से विजय पार्षद निर्मल कौर चैयरमैन पद सौपा गया हैं।
लेकिन अब नगर परिषद का आंकड़ा पूरा करना के लिए भाजपा का खेल फिर बिगड़ गया हैं। ऐसे में कांग्रेस की जोड़तोड़ भी शुरू हो गयी हैं। यदि तीनो निर्दलीय कांग्रेस में शामिल होते ह तो इस लिहाज से कांग्रेस का आंकड़ा 7 पहुंच जाता है, जबकि भाजपा 6 पर सिमट कर रह जाएगी।
बता दें कि नगर परिषद पांवटा के सभी 13 वार्डों के चुनाव परिणाम घोषित होने बाद 6 भाजपा, 4 कांग्रेस व 3 निर्दलीय प्रत्याशी जीतकर नगर परिषद पहुंचे हैं।











