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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के विशेष निगरानीकर्ता बालकृष्ण गोयल ने आज अपने सिरमौर प्रवास के दौरान कैदियों के मानवाधिकारों की स्थिति का जायजा लेने के लिए आदर्श केंद्रीय कारागार नाहन का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग एक स्वायत्त विधिक संस्था है जिसका मुख्य उद्देश्य मानवाधिकार उल्लंघन की जांच करना, सुधार गृह का निरीक्षण करना और मानव अधिकारों के प्रति जागरूकता को बढाना है। उन्होंने कहा कि यह आयोग देश में मानवाधिकारों का प्रहरी है।
उन्होंने कहा कि यह आयोग किसी भी अपराध को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन का पूर्ण सहयोग करता है व अपराधों की रोकथाम के लिए आपसी तालमेल बनाए रखता है इसके अतिरिक्त खाद्य पदार्थों के मिलावटखोरों पर कानूनी कार्यवाही करता है।
बालकृष्ण गोयल ने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सोच है कि केन्द्र व राज्य की योजनाओं का क्रियान्वयन सुचारू रूप से होना चाहिए तथा सभी विभागों द्वारा मानव अधिकारों का पालन सुनिश्चित करना है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा अलग-अलग जिलों में जाकर मानव अधिकारों के प्रति किये जा रहे सार्थक प्रयासां पर बल डालना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के विशेष निगरानीकर्ता द्वारा जमीनी स्तर पर जा कर नागरिकों को मुहैया करवाई जा रही सुविधाओं का वास्तविक आकलन किया जाता है।
उन्होंने आदर्श केन्द्रीय कारागार में उपलब्ध करवाई जा रही चिकित्सा सुविधा को सुदृढ करने के निर्देश तथा बिस्तरों की क्षमता को और अधिक बढ़ाने को कहा ताकि कैदियों को कारागार के अंदर ही स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सके । उन्होंने आदर्श केन्द्रीय कारागार के अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा को भी सुदृढ करने को कहा।
इससे पूर्व राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के विशेष निगरानीकर्ता ने पच्छाद के नाली चंदोग आंगनबाड़ी केन्द्र का भी निरीक्षण करते वहां उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं पर संतुष्टि व्यक्त की। इसके उपरांत नाल स्थित आदर्श बाल निकेतन का निरीक्षण करते हुए उन्होंने अधिकारियों से निकेतन के स्टाफ का पुलिस चरित्र सत्यापन करने, एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध रखने तथा निकेतन में सुरक्षा दीवार निर्माण करने के निर्देश दिये।










