नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बसों के न्यूनतम किराए को दुगुना करने के सरकार के फैसले की निंदा करते हुए आमजन विरोधी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि मध्य और गरीब परिवार के यात्रा का एकमात्र साधन ही सरकारी और निजी क्षेत्र की बसें हैं। उनके न्यूनतम किराए में दुगना की वृद्धि करने से हर परिवार पर हर महीनें कम से कम हजार रुपए से ज्यादा का बोझ आएगा।
सरकार की नाकामियों की वजह से पहले ही आम आदमी का जीना मुश्किल हुआ है ऐसे में सरकार का या फैसला प्रदेश के गरीब और मध्यम वर्ग पर किसी आफत से कम नहीं है। सरकार को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। यह फैसला हिमाचल के आम गरीब व्यक्ति के खिलाफ है। सुख की सरकार प्रदेश में विकास के सारे काम बंद कर चुकी है रोजगार के सारे रास्ते छीन रही है और महंगाई बढ़ाकर लोगों का जीना मुश्किल कर रही है।