पांवटा साहिब बाईपास में यमुना नदी पर बना 1175 मीटर लंबा फोरलेन पुल वाहनों के लिए खुला
1647 करोड़ से पांवटा साहिब बल्लूपुर देहरादून फोरलेन ग्रीन फील्ड का 95 प्रतिशत कार्य पूरा
हिमाचल से हरिद्वार जाने वाले वाहन चालकों को धर्मावाला और लच्छीवाला टोल प्लाजा पर दो जगह देना होगा टोल टैक्स
हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड को जोड़ने वाला यमुना नदी पर 1175 मीटर का नया पुल वाहनों के लिए तैयार हो गया है। 1647 करोड़ से निर्माणाधीन पांवटा साहिब बल्लूपुर देहरादून फोरलेन ग्रीन फील्ड परियोजना में तैयार किया गया पांवटा साहिब बाईपास का नया पुल वाहनों के लिए नियमित रूप से खोल दिया गया। हिमाचल से अब देहरादून और हरिद्वार जाने वाले वाहन चालकों को अब पांवटा साहिब साहिब शहर जाने की जरूरत नहीं होगी। वह बातापुल के समीप नए चौक से फोरलेन पर चढ़ते हुए यमुना नदी पर नए पुल से सफर करते हुए उत्तराखंड में प्रवेश करेंगे। पांवटा साहिब से पहले देहरादून की दूरी 52 किलोमीटर थी, जो कि अब ब्राउनफील्ड तथा ग्रीन फील्ड फोरलेन परियोजना के तहत 7 किलोमीटर घटकर 45 किलोमीटर रह गई है। पांवटा साहिब से देहरादून के पहले डेढ़ से 2 घंटे लगते थे, जो कि अब 45 मिनट में पूरी हो जाएंगे। इस फोरलेन परियोजना में जिला सिरमौर के पांवटा साहिब मंडल के चार गांव व उत्तराखंड के 21 गांव प्रभावित हुए। इस परियोजना का 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। इस परियोजना को 31 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, ताकि इस सड़क का लोकार्पण भी देहरादून दिल्ली एक्सप्रेसवे के साथ ही हो सके। बता दें कि देहरादून दिल्ली एक्सप्रेसवे का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को करने जा रहे हैं। वही पांवटा साहिब बल्लूपुर देहरादून फोरलेन का शेष बचा 5 प्रतिशत कार्य के चलते इस फोरलेन का उद्घाटन जून माह में होने की संभावना है। अंबाला देहरादून नेशनल हाईवे 07 के पांवटा साहिब के समीप उत्तराखंड के धर्मावाला में 15 जनवरी से एनएचएआई ने इस फोरलेन पर टोल लेना भी शुरू कर दिया है। अब हिमाचल से हरिद्वार जाने वाले वाहन चालकों को धर्मावाला और लच्छीवाल (डोईवाला) टोल प्लाजा पर दो जगह टोल टैक्स देना होगा।
बॉक्स : ब्राउनफील्ड और ग्रीन फील्ड में क्या है अंतर
पांवटा साहिब बल्लूपुर देहरादून 45 किलोमीटर फोरलेन में 25 किलोमीटर एरिया ग्रीनफील्ड का है। जबकि 20 किलोमीटर एरिया ब्राउनफील्ड का है। ग्रीन फील्ड उस सड़क को कहा जाता है, जिसमें पूरी सड़क का निर्माण कार्य नए तरीके से किया जाता है। जबकि ब्राउनफील्ड परियोजना उस सड़क को कहा जाता है, जिसमें पुराने सड़क को अपग्रेड कर चौड़ा किया जाता है।












