दिलीप सिंह खली जमीन विवाद में उप-मंडलाधिकारी (ना.) पांवटा साहिब ने उपायुक्त सिरमौर को विस्तृत रिपोर्ट प्रेषित करते हुए भूमि के नवीन एवं सटीक सीमांकन की आवश्यकता पर बल दिया है। यह मामला अधिक गंभीर है क्योंकि खली पर गंभीर आरोप है कि उसने अन्य लोगों की जमीन पर कब्जा कर लिया है और नाहन के एक पत्रकार के बहकावे में आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अधिकारियों को बदनाम कर जमीन पर अपना कब्जा जायज ठहरने की कोशिश कर रहा है तहसीलदार ऋषभ शर्मा ने भी मानहानि का केस करने की बात कही है
उप-मंडलाधिकारी कार्यालय द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार, पूर्व में दिनांक 17 दिसंबर 2025 को दिलीप सिंह राणा पहलवान (लोकप्रिय रूप से “द ग्रेट खली”) से संबंधित प्रकरण में प्रारंभ की गई कार्यवाही की रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को भेजी जा चुकी है। उक्त प्रकरण की गहन जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि संबंधित भूमि के वास्तविक भौतिक कब्जे का सही आकलन करने तथा ‘फर्द कब्जा’ की शुद्ध तैयारी के लिए ताजा सीमांकन (डिमार्केशन) अत्यंत आवश्यक है।
मामले की संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुए उप-मंडलाधिकारी ने सुझाव दिया है कि सीमांकन की प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि सुनिश्चित करने हेतु एक स्वतंत्र राजस्व टीम द्वारा करवाई जाए। इसके लिए जिला मुख्यालय अथवा किसी अन्य उप-मंडल से राजस्व अधिकारियों (VRO/कानूनगो) की प्रतिनियुक्ति का अनुरोध किया गया है, ताकि निष्पक्ष जांच के उपरांत अंतिम रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत की जा सके।
वहीं, इस संबंध में शिकायतकर्ता जवाला राम, निवासी ग्राम धिराइना, तहसील रोनहाट को उनके जीपीए श्री यशपाल के माध्यम से सूचित किया गया है। उन्हें सीमांकन प्रक्रिया के दौरान उपस्थित रहने तथा अपनी पसंद के दो अनुभवी राजस्व अधिकारियों के नाम सुझाने के लिए भी कहा गया है, जिससे कार्यवाही सभी पक्षों की संतुष्टि के अनुरूप और पारदर्शी ढंग से संपन्न हो सके।प्रशासनिक स्तर पर यह मामला अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है और आगामी सीमांकन रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही तय की जाएगी। मामले की पुष्टि करते हुए एसडीएम पावटा साहिब गुजीत सिंह चीमा ने कहा कि खली झूठे आरोप लगा रहे हैं और कार्यवाही को प्रभावित कर रहे हैं











