ADVERTISEMENT

हिमाचल में कारोबारियों का छलका दर्द, बोले- ”ताले लगाने की नौबत”… गैस सप्लाई ठप

Khabron wala

ईरान-इजरायल युद्ध के शोर ने पहाड़ों की रानी शिमला की रसोइयों को ठंडा करना शुरू कर दिया है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर अब हिमाचल की राजधानी में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की किल्लत के रूप में दिखने लगा है। पिछले तीन दिनों से शहर में कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह ठप है, जिससे न केवल पर्यटन कारोबार संकट में है, बल्कि शहर के होटल और ढाबों में कड़ाही चढ़ना भी मुश्किल हो गया है।

सूनी पड़ी गैस एजेंसियां, होटलों में बदला ‘मेनू’

शिमला की प्रमुख गैस एजेंसियों के गोदाम खाली हो चुके हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि कई दुकानदारों ने हफ्ते भर पहले बुकिंग की थी, लेकिन उन्हें अब तक डिलीवरी नहीं मिली। गैस बचाने के लिए होटलों ने अपनी रणनीति बदल ली है। राजमा और काली दाल जैसी चीजें, जिन्हें पकने में अधिक वक्त और ईंधन लगता है, उन्हें मेनू से हटा दिया गया है। अब केवल वही व्यंजन परोसे जा रहे हैं जो झटपट तैयार हो सकें। हालांकि अभी पर्यटन सीजन चरम पर नहीं है, लेकिन वीकेंड पर आने वाले पर्यटकों और होटलों में रहने वाले स्टाफ के लिए भोजन जुटाना चुनौती बन गया है।

प्राथमिकता बदली: अब सिर्फ अस्पताल और स्कूल ही रडार पर

सप्लाई में आई भारी गिरावट के बाद प्रशासन और तेल कंपनियों ने ‘राशनिंग’ शुरू कर दी है। इंडियन ऑयल के अधिकारियों के अनुसार, अब उपलब्ध सीमित स्टॉक का इस्तेमाल केवल अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।

मोहम्मद आमीन, मंडल प्रमुख (एलपीजी), इंडियन ऑयल का कहना है कि “मौजूदा हालात को देखते हुए कमर्शियल गैस की कालाबाजारी रोकने और जरूरी सेवाओं को चालू रखने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।”

कारोबारियों का छलका दर्द: “ताले लगाने की नौबत”

शिमला के कनलोग, टिंबर हाउस और माल रोड जैसे इलाकों के कारोबारी सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। होटल मालिकों का कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों में आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो उन्हें अपने प्रतिष्ठानों पर अस्थायी रूप से ताले लटकाने पड़ेंगे। छोटे ढाबा संचालकों के लिए तो दुकान का किराया निकालना भी दूभर हो गया है क्योंकि वे ऑनलाइन ऑर्डर लेने से मना कर रहे हैं।

प्रशासनिक सुस्ती और भविष्य की चिंता

होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहिंद्र सेठ की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से मिलकर घरेलू गैस के इस्तेमाल की अनुमति या वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट कार्ययोजना सामने नहीं आई है, जिससे कारोबारियों में अनिश्चितता का माहौल है।

Related Posts

Next Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!