Khabron wala
शिमला जिला के उपमंडल रोहड़ू की चिड़गांव तहसील के कुंजवानी गांव में एक भीषण अग्निकांड पेश आया, जिसने पल भर में लाखों की संपत्ति को खाक कर दिया। आग ने चंद्रेश्वर प्रसाद और घनश्याम दास पुत्र भजन दास के दो मंजिला कच्चे मकान को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन मकान के साथ बने बाड़े में बंद करीब 50 मुर्गियां आग की क्रूर लपटों का शिकार होकर जिंदा जल गईं।
जानकारी के अनुसार इस दो मंजिला मकान में पिछले कुछ समय से नेपाली मजदूर रह रहे थे। बुधवार शाम मकान में अचानक आग भड़क उठी और देखते ही देखते इसने पूरे ढांचे को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी विकराल थी कि मजदूरों के रहने-खाने के सामान के साथ-साथ मकान में रखे कीमती बागवानी उपकरण और आटा पीसने की मशीन भी पूरी तरह जलकर राख हो गई। वहीं, जालीदार बाड़े में बंद मुर्गियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला और वे दर्दनाक मौत का शिकार हो गईं।
आग की भयंकर लपटें उठती देख गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना अग्निशमन विभाग को दी। स्थानीय लोगों और दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते आग को बुझा लेने से इसे आसपास के अन्य मकानों तक फैलने से रोक लिया गया, जिससे गांव में एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
मकान में आग किन कारणों से लगी, इसका फिलहाल पता नहीं चल पाया है। पुलिस और प्रशासन आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं। वहीं, चिड़गांव के नायब तहसीलदार सुरेंद्र दाऊटू ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेज दिया गया था। टीम ने नुक्सान का जायजा ले लिया है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार इस अग्निकांड में प्रभावित परिवार को करीब 10 से 11 लाख रुपए की संपत्ति का भारी नुक्सान हुआ है।









