Khabron wala
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के डेयरी क्षेत्र को सुद्दढ़ करने और किसानों को सीधे आर्थिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड ( एनडीडीबी) के साथ तीन महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये हैं। ये समझौते मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की उपस्थिति में किए गए। राज्य सरकार की ओर से पशुपालन विभाग के सचिव रितेश चौहान और हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (मिल्कफेड) के प्रबंध निदेशक अभिषेक वर्मा ने हस्ताक्षर किए, जबकि एनडीडीबी की ओर से चेयरमैन मीनेश शाह ने समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
दो नए दूध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किए जाएंगे
पहला समझौता कांगड़ा मिल्क यूनियन के गठन और संचालन से संबंधित है। इसके तहत कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर और चंबा जिलों को शामिल किया जाएगा, जिससे इन क्षेत्रों में दूध संग्रह, प्रसंस्करण और विपणन व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी। दूसरे समझौते के तहत दो नए दूध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किए जाएंगे, जिनकी क्षमता प्रतिदिन 20,000 लीटर होगी। ये संयंत्र नाहन और नालागढ़ में लगाए जाएंगे। इसके अलावा समान क्षमता के दो दूध प्रशीतन केन्द्र सेंटर जलारी और झलेरा में स्थापित किए जाएंगे। तीसरा समझौता ईआरपी (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग) सॉफ्टवेयर को मिल्कफेड में लागू करने से संबंधित है। इससे दूध संग्रह, गुणवत्ता जांच, उत्पादन, भंडारण और वितरण जैसी प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण होगा। राज्य सरकार धगवार में लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत से प्रतिदिन 1.5 लाख लीटर क्षमता का पूर्णत: स्वचालित दूध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित कर रही है, जिसकी क्षमता भविष्य में बढ़ाकर तीन लाख लीटर प्रतिदिन की जा सकती है। यह प्रणाली दूध उत्पादक किसानों का सुव्यवस्थित रिकॉर्ड बनाए रखने और उन्हें समय पर और पारदर्शी भुगतान सुनिश्चित करने में मदद करेगी। इसके साथ ही उत्पादन प्रबंधन, स्टॉक नियंत्रण और सप्लाई चेन की निगरानी भी बेहतर होगी।
‘सरकार ने दूध खरीद मूल्य में भी बढ़ोतरी की’
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस मौके पर कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए डेयरी क्षेत्र को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि धगवार प्लांट के शुरू होने के बाद बाजार में ‘हिम’ ब्रांड के डेयरी उत्पाद भी उतारे जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में राज्य के अन्य हिस्सों में अतिरिक्त प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने के लिए करीब 300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार ने दूध खरीद मूल्य में भी बढ़ोतरी की है। गाय के दूध का मूल्य 32 रुपये से बढ़ाकर 51 रुपये प्रति लीटर किया गया। भैंस के दूध का मूल्य 47 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर किया गया। दुग्ध प्रोत्साहन योजना के तहत जो किसान खुद दूध को संग्रह केंद्र तक पहुंचाते हैं, उन्हें तीन रुपये प्रति लीटर का प्रोत्साहन दिया जाता है। इसके अलावा परिवहन सब्सिडी भी 1.50 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई गई है।कृषि मंत्री चंदर कुमार ने कहा कि राज्य के‘हिम’ ब्रांड को बढ़ावा देना जरूरी है ताकि यह अमूल और वकर जैसे बड़े डेयरी ब्रांडों से प्रतिस्पर्धा कर सके। उन्होंने बताया कि धगवार का दूध प्रसंस्करण संयंत्र इस साल अक्टूबर तक शुरू होने की उम्मीद है, जिससे कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर और चंबा जिलों के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।












