Khabron wala
रविवार को बर्फबारी के बीच में जिला के दुर्गम क्षेत्र डोडरा क्वार से 85 वर्षीय अधरंग की पीड़ित महिला मरीज को एयरलिफ्ट करवाकर पीजीआई. चंडीगढ़ उपचार के लिए पहुंचाया गया है। सरकार के प्रयासों से यह संभव हो पाया है, जिसके लिए एयरफोर्स के 2 हैलीकॉप्टरों की मदद ली गई। जानकारी के अनुसार एसडीएम डोडरा क्वार एवं नायब तहसीलदार के ध्यान में मरीज के परिजनों ने 31 जनवरी को मामला लाया था, जिसके तहत 85 वर्षीय धर्मी पिछले एक सप्ताह से अधरंग का शिकार हो चुकी थीं। इस वजह से दिन-प्रतिदिन उनकी तबीयत बिगड़ रही थी। तो बेटे जिया सेन ने प्रशासन से एयरलिफ्ट की गुहार लगाई। जिला प्रशासन शिमला ने तत्काल इस बारे में प्रदेश सरकार को पत्र भेज दिया, जिसमें एयरफोर्स के हैलीकॉप्टर के माध्यम मरीज व तीमारदारों को ले जाने की सिफारिश की गई।
प्रदेश सरकार ने तुरंत मामले पर कार्रवाई करते हुए एयरफोर्स से संपर्क साधा। रविवार को 2 हैलीकॉप्टर डोडरा क्वार भेजे गए। एक हैलीकॉप्टर में मरीज और एक तीमारदार को एयरलिफ्ट किया गया, जबकि दूसरे हैलीकॉप्टर में मरीज के अन्य परिजनों को एयरलिफ्ट किया गया। पहले मरीज को आईजीएमसी शिमला लेकर आना था, लेकिन शिमला में मौसम साफ न होने के कारण चौपर की लैंडिग नहीं हो पाई, इसलिए प्रशासन ने फैसला लिया कि मरीज को पीजीआई चंडीगढ़ ही ले जाया जाए। इसके बाद दोनों चौपर चंडीगढ़ गए।
जीएडी के संयुक्त सचिव अनिल मनकोटिया ने एयरलिफ्ट को लेकर एयरफोर्स प्रशासन के साथ सामंजस्य स्थापित किया। इसके साथ ही पीजीआई में तैनात प्रदेश सरकार के अधिकारियों से संपर्क साधा। एडीएम प्रोटोकॉल ज्योति राणा ने मरीज के परिजनों को पीजीआई में चैकअप की सारी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करके दीं। पीजीआई में डिप्टी डायरैक्टर एडमिनिस्ट्रेटर पंकज राय और प्रशासनिक अधिकारी आशीष मरीज के चैकअप की सारी व्यवस्था देख रहे हैं।
डीसी शिमला अनुपम कश्यप ने कहा कि डोडरा क्वार के स्थानीय प्रशासन के माध्यम से हमें मरीज की सूचना मिली थी। 85 वर्षीय धर्मी गांव कितरवाड़ी तहसील डोडरा क्वार की स्थायी निवासी हैं। मौसम खराब होने के कारण और चांशल में भारी बर्फबारी के चलते मरीज को एयरलिफ्ट करके ही अस्पताल तक पहुंचाया जा सकता था। प्रशासन ने सरकार के ध्यान में सारा मामला लाया। सरकार के प्रयासों से मरीज और परिजनों को एयरलिफट करके पीजीआई पहुंचा दिया गया। मरीज पीजीआई में एडमिट हो चुकी है और वहां पर उनका इलाज शुरू हो चुका है। प्रशासन के अधिकारी वहां उनके साथ हर मदद के लिए मौजूद हैं।










