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शिमला पुलिस की PIT-NDPS के तहत बड़ी कार्रवाई, आदतन 4 ड्रग पैडलरों काे जेल में किया नजरबंद

Khabron wala 

शिमला पुलिस ने जिले को नशामुक्त बनाने और ड्रग तस्करों के नैटवर्क को ध्वस्त करने के लिए छेड़े गए विशेष अभियान के तहत बड़ी कर्रवाई काे अंजाम दिया है। पुलिस ने आदतन 4 ड्रग पैडलरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और तस्करों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस ने यह कार्रवाई पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत प्रिवैंटिव डिटैंशन के रूप में अमल में लाई है।

सिंडिकेट का सरगना मनोज उर्फ मन्ना गिरफ्तार

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पहला नाम मनोज उर्फ मन्ना पुत्र रामानंद का है, जो ग्राम कार्याली, तहसील एवं जिला शिमला का निवासी है। मनोज के खिलाफ पुलिस थाना रामपुर में वर्ष 2023 और 2025 में एनडीपीएस के 2 मामले दर्ज हैं। पुलिस की जांच और तकनीकी साक्ष्यों से यह पुष्टि हुई है कि मनोज संगठित ड्रग नैटवर्क का मुख्य संचालक है। वह पर्दे के पीछे रहकर पूरे सिंडिकेट को चलाता था और अपने साथियों को निर्देश देने के साथ-साथ संसाधन भी उपलब्ध करवाता था।

डिस्ट्रीब्यूशन नैटवर्क में सक्रिय था अंकित ठाकुर

दूसरे आरोपी की पहचान अंकित ठाकुर पुत्र सुरेंद्र सिंह निवासी ग्राम नीरथ, रामपुर के रूप में हुई है। अंकित के खिलाफ भी रामपुर पुलिस थाना में 2023 और 2025 में 2 आपराधिक मामले दर्ज हैं। खुफिया रिपोर्टों और पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अंकित मादक पदार्थों के वितरण और बिक्री में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपी में अपराध को बार-बार दोहराने की प्रवृत्ति पाई गई है, जिसके चलते उस पर यह सख्त कार्रवाई की गई है।

गोविंद सिंह पर 3 और लोकिंद्र कंवर पर दर्ज हैं 2 मामले

इस कार्रवाई में शामिल अन्य 2 आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला गया है। आरोपी गोविंद सिंह के खिलाफ पुलिस थाना कुमारसैन में 1 और रामपुर में 2 केस दर्ज हैं, जिनमें उससे भारी मात्रा में चिट्टा बरामद किया गया था। वहीं, चौथा आरोपी लोकिंद्र कंवर पुलिस थाना कोटखाई में दर्ज 2 मामलों में संलिप्त है। लोकिंद्र से एक मामले में 52.75 ग्राम चरस व 3.17 ग्राम चिट्टा और दूसरे मामले में 30.640 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था।

नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरैंस की नीति: एसएसपी

इस कार्रवाई पर एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने स्पष्ट किया कि इस निवारक नजरबंदी का मुख्य उद्देश्य नशा तस्करी के नैटवर्क को तोड़ना और इन व्यक्तियों को भविष्य में अवैध गतिविधियों में शामिल होने से रोकना है। उन्होंने कहा कि शिमला पुलिस नशा तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरैंस नीति पर काम कर रही है। युवाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए पुलिस आगे भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रखेगी।

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